बरेली
बंद चीनी मिलों पर किसानों का बकाया बना बड़ा मुद्दा
समाजवादी पार्टी ने उठाए सवाल, मंडल आयुक्त को देंगे ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। गन्ना किसानों की बकाया भुगतान की समस्या को लेकर बंद पड़ी चीनी मिलें एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। समाजवादी पार्टी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि गन्ना किसान कड़ी मेहनत कर सालभर में फसल तैयार करता है, लेकिन चीनी मिल मालिक वर्षों तक उसका भुगतान रोके रखते हैं, जिससे किसान आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ तले दब जाता है।
पार्टी के अनुसार बरेली जनपद की बहेड़ी चीनी मिल पर किसानों का करीब 170 करोड़ रुपये और नवाबगंज चीनी मिल पर लगभग 72 करोड़ रुपये बकाया है। आरोप है कि दोनों चीनी मिलें पूरी तरह बंद कर दी गई हैं और उनकी संपत्तियों को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। बहेड़ी चीनी मिल की बेशकीमती जमीन को बेहद कम कीमत पर बेच दिए जाने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि जब किसी उद्योग की स्थापना बेहद कठिन होती है तो उसे बिना ठोस कारण बंद नहीं किया जाना चाहिए। किसानों का सैकड़ों करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद लगभग 90 से 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को सिर्फ 28 करोड़ रुपये में बेचना किसानों के हितों के खिलाफ है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जब नीलामी के दौरान 35 करोड़ रुपये का खरीदार मौजूद था, तब जमीन 28 करोड़ में क्यों बेची गई। आशंका जताई गई कि यदि चीनी मिलें बिक गईं तो क्षेत्र के गन्ना किसान गन्ने की खेती छोड़ने को मजबूर होंगे, जिससे भविष्य में गन्ना उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा। समाजवादी पार्टी ने घोषणा की कि वह 08 जून 2026, सोमवार को आयुक्त बरेली मंडल से मिलकर ज्ञापन सौंपेगी और किसानों के बकाया भुगतान व मिलों के पुनः संचालन की मांग करेगी। वार्ता में जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव,विधायक एवं पूर्व मंत्री अताउर रहमान,पूर्व मंत्री भगवत शरन गंगवार, महानगर अध्यक्ष शमीम खा सुल्तानी,सुरेंद्र सोनकर,नि जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव,शमीम अहमद,योगेश यादव,जमुना प्रसाद मौर्या, प्रवीन गंगवार मौजूद रहे।


