झुंझुनू
महिला को स्वयं रोजगार बनाने लेकर एस बी आई फेलोशिप ने बाज़ार किया प्रदर्शन।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चुरचू प्रखंड चुरचू साप्ताहिक सोमवार बाजार में में ज्यासूर्या, एस. बी. आई फेलोशिप कर रहा है हज़ारीबाग़ में सेवा भारत से जुड़े होकर तसनलो गांव में काम करता हूँ। गांव की महिला को स्वयं रोजगार बनाने का कोशिश करता हूँ|
महुआ, झारखंड की सबसे मशहूर फूल होता है। लोग खाली शराब बनाने केलिए इस्तेमाल कर रह है। हम महुआ फूल से लड्डू बनाने को गांव की महिला लोगों को ट्रेनिंग दे दिया। तसनालो में सात बहन लोगों को ट्रेनिंग दिया, पाँच फ्लेवर लड्डू बनाया, जीरा & गोलकी, इलाइची, नारियल, सौंफ, मडुवा अभी तक हमने तीन मेला में शामिल हुआ, खूंटी मेला, पटना मेला और मुंगेर मेला। तीन मेला से लगभग 27,000 रुपया बिक्री हुआ पहली बार हम अपने ब्लॉक, सप्ताहिक बाजार में रिटेल स्टॉल डालकर लड्डू भेजने शुरू किया | स्टॉल डालकरके बहुत लोगों तक महुआ का फायदा पहुँचाने को कोशिश कर रहा है | इसके साथ साथ में महिला शाशक्तिकरण और गांव की उन्नती की और बढ़ रहा है। महिलाओं के स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वाश्रायी महिला सेवा संघ (सेवा) झारखंड द्वारा गठित महुपाक समूह ने सोमवार दिनाक 15 जून 2026 को चुरचू प्रखंड के साप्ताहिक बाजार परिसर में महुआ आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल का आयोजन किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर महिला समूह की सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। महुपाक समूह की महिलाओं ने बताया कि सेवा द्वारा उन्हें महुआ आधारित पौष्टिक उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण एवं उद्यमिता संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षण के उपरांत महिलाओं ने महुआ से निर्मित पौष्टिक लड्डुओं सहित अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों का उत्पादन प्रारंभ किया है। समूह का उद्देश्य महुआ के स्थानीय मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना, महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित करना तथा समुदाय में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।महिलाओं ने बताया कि महुआ हजारीबाग क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण लघु वनोपज (एनटीएफपी) है, जो अपने उच्च पोषण मूल्य एवं औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इसका सीमित उपयोग होता है, जबकि बड़ी मात्रा में इसका विपणन राज्य के बाहर किया जाता है। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल के माध्यम से महुआ आधारित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम में सेवा झारखंड से अनिता सलिता बहन, मंती बहन, मनीषा बहन, अनूप भाई, उदय भाई तथा एसबीआई फाउंडेशन के फेलो जयसूर्या भाई सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



