
पूर्व सांसद धर्मेन्द्र कश्यप की पैरवी भी बेअसर:जिला अधिकारी से करी गई जांच की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : जिला महिला चिकित्सालय बरेली में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मल्टीटास्क पद पर तैनात आउटसोर्स चपरासी अशोक कुमार पर 8 लोगों से अवैध वसूली और चाहबाई निवासी युवक से 4.50 लाख लेकर फर्जी नियुक्तिपत्र थमाने का आरोप लगा है। मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। सत्ता रूठ पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र कश्यप की पैरवी भी काम नहीं आई शास्त्री उर्फ छत्रपाल, भाई पूर्व सांसद धर्मेन्द्र कश्यप निवासी कांधरपुर, ने 14 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी बरेली को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। छत्रपाल का आरोप है कि अशोक कुमार का महिला अस्पताल में पूरा रुतबा है। CMS से लेकर बड़े बाबू और मैट्रन तक उससे घबराते हैं। शिकायत के बाद 20 मई 2025 को रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई प्रमुख समाचार पत्रों में अशोक कुमार के खिलाफ खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। चाहबाई निवासी सोनू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब चार साल पहले महिला अस्पताल के आउटसोर्स चपरासी अशोक कुमार से उसकी मुलाकात हुई थी। कुछ महीने पहले अशोक ने अस्पताल में नौकरी दिलाने की बात कहकर 4.50 लाख रुपये मांगे। नौकरी की आस में सोनू ने रुपये दे दिए। एक महीने बाद भी नौकरी नहीं मिली तो कड़ाई से पूछताछ करने पर अशोक ने फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिया।
फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर बुधवार को सोनू अस्पताल पहुंचा। वहां अशोक कुमार से उसकी मारपीट हो गई और जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल प्रशासन ने कोतवाली पुलिस को बुलाया, लेकिन पुलिस को चकमा देकर आरोपी अशोक वहां से भाग निकला।
CMS बोले – व्यक्तिगत मामला,
अस्पताल के CMS डॉ. त्रिभुवन प्रसाद का कहना है कि अशोक का किसी से व्यक्तिगत मामला था, जिसे लेकर मारपीट हुई। कर्मचारी को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। शिकायतकर्ता छत्रपाल ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


