जालौन

जगम्मनपुर के ऐतिहासिक गांधी चबूतरा के पुनर्निर्माण की उठी मांग

15 अगस्त 1947 को जब दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराया गया, उसी समय इस गांधी चबूतरे पर भी ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता का उत्सव मनाया गया था

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जगम्मनपुर (जालौन)। विकासखंड रामपुरा के ग्राम जगम्मनपुर में स्थित लगभग 100 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर गांधी चबूतरा के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद ग्रामीणों ने इसके पुनर्निर्माण की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चबूतरा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
गांव के भोलावन मंदिर के समीप स्थित गांधी चबूतरा का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ है। बुजुर्गों के अनुसार महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे आजादी के आंदोलन के दौरान इसी स्थान पर जगम्मनपुर एवं आसपास के गांवों के युवाओं ने तिरंगा फहराकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का उद्घोष किया था। इस दौरान कई युवाओं को अंग्रेजी हुकूमत ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनमें स्वर्गीय कैलाश नारायण मिश्रा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। देश की आजादी के बाद 15 अगस्त 1947 को जब दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराया गया, उसी समय इस गांधी चबूतरे पर भी ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता का उत्सव मनाया गया था। तब से लेकर आज तक प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त, 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता रहा है। हालांकि मिट्टी के कटान, चबूतरे में आई दरारों और हाल की भारी वर्षा के कारण यह ऐतिहासिक संरचना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब यहां राष्ट्रीय पर्वों पर कार्यक्रम आयोजित करना भी कठिन हो गया है। गांव के युवा हर्ष शर्मा, नीरज रावत,सौम्य पोरवाल, जीशान खान, पारस नामदेव, अंकित तिवारी और हर्ष लक्षकार सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी जालौन, उप जिलाधिकारी माधौगढ़ एवं खंड विकास अधिकारी रामपुरा से गांधी चबूतरा के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की है।
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