गाजियाबाद
डीएलएफ अंकुर विहार
नव जीवन पब्लिक स्कूल में कथित अवैध निर्माण पर बढ़ा जन आक्रोश, शिकायतों पर कार्यवाही नहीं, अधिकारी बेखबर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : डीएलएफ अंकुर विहार के बी-ब्लॉक स्थित नव जीवन पब्लिक स्कूल में कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद शिक्षा विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगरपालिका परिषद लोनी के संबंधित अधिकारियों ने अब तक सम्बंधित इमारत का निर्माण करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि संबंधित विभागों को पूरे मामले की जानकारी दी गई है, तो आखिर इसमें कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? लोगों का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण व अन्य विभागों की चुप्पी अपने आप में कई सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि आखिर इसके पीछे क्या कारण हैं, यह जांच का विषय है।
आरोप है कि विद्यालय परिसर में खेल मैदान के लिए निर्धारित भूमि पर बहुमंजिला इमारत का निर्माण कर दिया गया है, जबकि नियमों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के लिए पर्याप्त खेल मैदान होना अनिवार्य है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान परिसर के हरे-भरे पेड़ों को भी काट दिया गया।जो नियमों का उल्लघंन है
क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्कूल में आसपास की कॉलोनियों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना इमारत का निर्माण हुआ है, तो यह बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि मध्यावकाश के दौरान बच्चे निर्माण क्षेत्र के आसपास रहते हैं, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि यदि निर्माण वास्तव में नियमों के विपरीत है, तो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगरपालिका परिषद लोनी और शिक्षा विभाग ने अब तक इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की। साथ ही यह प्रश्न भी उठ रहा है कि विद्यालय की मान्यता और सुरक्षा मानकों की समीक्षा में जो सुविधाएं दिखाई गई थी क्या उसमें बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के बदलाव किया जा सकता है
स्थानीय सभासद, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किस विभाग की होगी ,विद्यालय प्रबंधन की या उन संबंधित विभागों की, जिन्होंने शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की?
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद यदि संबंधित विभागों ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो वे कानूनी दायरे में रहकर मामले को आगे बढ़ाएंगे और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
संबंधित विभागों और विद्यालय प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है। उनकी प्रतिक्रिया मिलने पर उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।
