
जे ई और एस डी ओ पर फोन न उठाने का आरोप, विधायक के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद) : लोनी क्षेत्र के वार्ड संख्या 30, ईस्ट जवाहर नगर, भोपाल मार्केट, शिव मंदिर के पास स्थित कॉलोनी में बिजली की मुख्य लाइन का तार जलकर टूट जाने से शनिवार रात से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या का समय पर समाधान नहीं हो सका।
क्षेत्रवासियों के अनुसार रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग लोनी बिजली सब-स्टेशन पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद समाचार लिखे जाने तक न तो बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी और न ही विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान किया गया। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जे ई (जूनियर इंजीनियर) और एस डी ओ (उपखंड अधिकारी) ने फोन तक नहीं उठाया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र के विधायक ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए विधुत विभाग के उच्चाधिकारियों से फोन पर बात कर शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस बिजली लाइन का तार जलकर टूटा है, वह करीब दो वर्ष पहले ही लगाया गया था, इसके बावजूद उसकी गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग की ओर से बार-बार “शीघ्र शिकायत निस्तारण” के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। इनवर्टर और बैटरियां जवाब दे चुकी हैं, जिससे छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। गर्मी और उमस के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि टूटी हुई बिजली लाइन की तत्काल मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें:
टूटी हुई बिजली लाइन की तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जाए।
बिजली व्यवस्था का स्थायी समाधान किया जाए।
मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लाइन और उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।




