
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल। शहर के भगवान परशुराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक साध्वी कृष्णा किशोरी जी ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए। भागवत कथा में पांचवें दिन साध्वी कृष्णा किशोरी ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया।ब्राह्मण महिला समाज उपाध्यक्ष रही ममता शर्मा ने बताया कि इस दौरान भगवान के जन्मोत्सव, उनके नामकरण पूतना वध और इंद्र के अभिमान दमन के साथ माखनचोरी की लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक साध्वी कृष्णा किशोरी ने कहा भगवान ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। कथा के दौरान भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु देर तक नाचते रहे। कथावाचक ने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। संगीतमय कथा के दौरान भजनों पर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भजनाें पर नाचते रहे।
इस मौके पर ममता शर्मा,रिंकू शर्मा, शशि शर्मा, कांता देवी,कविता शर्मा, पुष्पा, हेमलता,पूजा शर्मा मनमोहन भारद्वाज,प्रेम कौशिक,अंकित लाटा,गोपाल शर्मा, युवराज, हिमांशु पांडे संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या मे श्रृद्धालु मौजूद रहे कथा के बाद भागवत आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया।
झांकी सजाकर मनाया उत्सव
इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया।




