
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिला अंतर्गत माड़ा तहसील के कर्सुआलाल की रहने वाली मीना जायसवाल आज भी न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले कलिंगा कंपनी के हेल्पर स्वर्गीय अशर्फीलाल जायसवाल की पत्नी ने कलेक्टर को पुनः आवेदन सौंपकर प्रशासन और कंपनी पर समझौते का पालन न करने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, 19 मई 2026 को ड्यूटी जाते समय उनके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घटना के बाद तहसीलदार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों (देवसर विधायक सहित) और कंपनी प्रबंधन की मौजूदगी में एक लिखित समझौता हुआ था। इसके तहत मृतक के तीन बच्चों को सरस्वती स्कूल में निःशुल्क शिक्षा, प्रति माह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया था।
पीड़िता का दर्द: “विधायक जी ने मौके पर 25 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता देकर जल्द ही बाकी सभी वादे पूरे होने की बात कही थी, लेकिन कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी बच्चों का स्कूल में एडमिशन नहीं हुआ। स्कूल प्रबंधन लिखित आदेश मांग रहा है और कंपनी से मिलने वाली आर्थिक मदद भी शुरू नहीं हुई है।”
जनसुनवाई में गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने एक बार फिर कलेक्टर से मिलकर समझौते को तत्काल लागू कराने, बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाने और परिवार को रोजगार दिलाने की मांग की है। अब देखना होगा कि इस संवेदनशील मामले में प्रशासन और संबंधित कंपनी कब तक जागती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।




