खैरथल

निजी विद्यालय संघ की चेतावनी आरटीई का पैसा रोका तो निजी विधालय बच्चों को स्कूल से बाहर करने को मजबूर होंगे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा। प्रदेशव्यापी सामूहिक निर्णय की अनुपालना करते हुए निजी विद्यालय संघ, जिला खैरथल-तिजारा ने शाला संबलन ऐप के माध्यम से प्रस्तावित जांच प्रक्रिया का विरोध करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि संगठन के सदस्य विद्यालय वर्तमान स्वरूप में किसी भी प्रकार की जांच नहीं करवाएंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के नाम पर आरटीई भुगतान रोका गया तो निजी विद्यालय बच्चों को स्कूल से बाहर करने के लिए मजबूर होंगे।
बुधवार को निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) डॉ. राजेश यादव, जिला प्रशासन और संबंधित जांच अधिकारियों को भी भेजी गई है।
संघ ने आरोप लगाया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत शाला संबलन ऐप के माध्यम से आरटीई, पाठ्यपुस्तक, फीस, बाल वाहिनी समेत विभिन्न विषयों पर 44 बिंदुओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो पूरी तरह अव्यावहारिक हैं। संगठन का कहना है कि वर्तमान नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इतनी व्यापक जांच कर पाना संभव नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थान में करीब 32 हजार से अधिक प्रबंध समितियों के अधीन 50 हजार से ज्यादा गैर सरकारी विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 90 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन संस्थानों से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 15 लाख से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद कई अव्यावहारिक कानूनों और प्रक्रियाओं के कारण इस बड़े वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निजी विद्यालय संघ ने कहा कि छात्र हित और सुरक्षा हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है तथा अब तक किसी भी निजी विद्यालय में भवन दुर्घटना जैसी गंभीर घटनाएं सामने नहीं आई हैं। ऐसे में जांच के नाम पर “इंस्पेक्टर राज” लागू करना उचित नहीं है। संगठन ने इसे सर्वोच्च न्यायालय के टीएमए पाई मामले के निर्णय की भावना के विपरीत बताया।
संघ पदाधिकारियों ने मांग की कि यदि शिक्षा विभाग किसी विशेष कारण से जांच करवाना चाहता है तो पहले राज्य स्तर पर संगठन से वार्ता कर नियमों को व्यवहारिक बनाया जाए। संगठन ने दो टूक कहा कि प्रदेश स्तरीय सामूहिक निर्णय के तहत सभी निजी विद्यालय फिलहाल जांच करवाने में असमर्थ हैं और जब तक व्यवहारिक समाधान नहीं निकलेगा, तब तक जांच का विरोध जारी रहेगा।
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन अपने निर्णय पर एकजुट है और आवश्यकता पड़ने पर आर-पार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेगा। निजी विद्यालय संघ ने प्रशासन से मामले में सकारात्मक पहल कर संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की है।
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