एमआईईटी एवं एसवीपीयूएटी के संयुक्त तत्वावधान में एआई और मशीन लर्निंग पर एक सप्ताहीय एफडीपी शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) तथा सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में “एआई, मशीन लर्निंग एवं डेटा एनालिटिक्स : कॉन्सेप्ट्स, टूल्स एंड एप्लीकेशंस” विषय पर एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, एसवीपीयूएटी के डीन एवं कोर्स निदेशक डॉ. जयवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और डेटा एनालिटिक्स शोध एवं तकनीकी विकास के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन आधुनिक तकनीकों का उपयोग कृषि अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ाकर बेहतर एवं नवाचार आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
एमआईईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग एरॉन ने प्रतिभागियों को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स एवं डीप लर्निंग की अवधारणाओं तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी एवं अन्य शोध क्षेत्रों में इन तकनीकों की उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है और भविष्य के अनुसंधान में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
एसवीपीयूएटी के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि आज के दौर में एआई और मशीन लर्निंग प्रत्येक शिक्षक एवं छात्र के लिए आवश्यकता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को एआई एवं एमएल की नवीनतम तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोगों से प्रशिक्षित करना है, जिससे वे इन्हें अपने शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यों में प्रभावी रूप से शामिल कर सकें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एमआईईटी के वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल तथा निदेशक प्रो. (डॉ.) संजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
तकनीकी सत्र में एमआईईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने एआई, मशीन लर्निंग एवं डेटा एनालिटिक्स की मूलभूत अवधारणाओं पर व्याख्यान दिया तथा विभिन्न क्षेत्रों में इनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपने शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यों में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

