शामली

चौसाना में ढाई दशक पुराने भूमि विवाद में अब धान की फसल की पैराई

उपज को किया ग्रामसभा के सुपूदर्ग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। बिडौली मार्ग स्थित चौसाना बिजलीघर के समीप करीब 48 बीघा कृषि भूमि पर खड़ी धान की फसल की गुरुवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में पैराई कराई गई। कंबाइन मशीन से काटी गई पूरी फसल को ग्राम सभा के कब्जे में रखते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। राजस्व टीम का कहना है कि भूमि और फसल से संबंधित आगे की कार्रवाई न्यायालय के अंतिम आदेश तथा राजस्व नियमों के अनुसार की जाएगी।
गौरतलब है कि चौसाना के सुंदरनगर निवासी मक्खन सिंह व अन्य तथा गुरमेज सिंह पक्ष के बीच वर्ष 2001 से पैतृक (वारिसान) संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। मामला लंबे समय से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में विचाराधीन था। वादी पक्ष का आरोप था कि गुरमेज सिंह ने तत्कालीन तहसील प्रशासन से मिलीभगत कर विवादित भूमि अपने नाम दर्ज करा ली थी और तभी से भूमि पर खेती करता आ रहा था। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने एक जून को मामले में फैसला सुनाते हुए प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर भूमि का स्वामित्व मक्खन सिंह पक्ष के पक्ष में माना था। आदेश में तहसील प्रशासन को राजस्व अभिलेखों में वादी पक्ष का नाम दर्ज करने तथा नियमानुसार कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के फैसले के बाद प्रतिवादी पक्ष ने आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। इसी बीच भूमि पर खड़ी फसल और दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस की आख्या के आधार पर फसल को कुर्क कर ग्राम सभा की सुपुर्दगी में रखने का निर्णय लिया था। प्रशासन का उद्देश्य फसल को लेकर किसी प्रकार के विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकना बताया गया। गुरुवार को राजस्व लेखपाल अजीत सिंह और लोकेश सैनी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित भूमि पर खड़ी धान की फसल की कंबाइन मशीन से पैराई कराई गई। कटाई के बाद प्राप्त समस्त फसल को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की सुपुर्दगी में दे दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर फसल को फिलहाल सुरक्षित रखा जाएगा।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भूमि के वास्तविक मालिकाना हक और कब्जे को लेकर अंतिम स्थिति हाईकोर्ट के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी। न्यायालय के अंतिम आदेश के आधार पर ही फसल अथवा भूमि के संबंध में अगली कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विवादित भूमि और उससे प्राप्त फसल को प्रशासनिक निगरानी में ग्राम सभा की सुपुर्दगी में रखा गया है
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button