
नई दिल्ली। जंतर मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ में मोदी सरकार के कोर वोटर सक्रिय हैं, जो वॠउ नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपनी मांगों के लिए बीजेपी से ही उम्मीद रखे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सीमित संख्या की अनुमति दी, हजारों प्रदर्शनकारी वहां डटे रहे और पुलिस द्वारा रामलीला मैदान जाने के निर्देश के बावजूद जंतर मंतर पर बने रहे, जिससे प्रदर्शन की जटिलता उजागर हुई।
राष्ट्रीय राजधानी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन के खत्म होने के कुछ हफ़्तों बाद, देश भर में विरोध-प्रदर्शनों की एक लहर उठ खड़ी हुई है। इन विरोध-प्रदर्शनों के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में आरक्षण हटाओ आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण ‘आरक्षण-विरोधी’ विरोध-प्रदर्शन के लिए ‘नो-आॅब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ दे दिया है। यह घटनाक्रम रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के डिजिटल कैंपेन के बीच सामने आया है।
इस धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देश की अलग-अलग हिस्सों से लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्रभासाक्षी की टीम खुद वहां पहुंची थी। लगातार लोगों का वहां आना हो रहा था। अलग-अलग संगठन के लोग भी इसमें भागीदारी कर रहे हैं। यह लगातार यूजीसी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर संगठन और लोग वह है वह बीजेपी के कोर वोटर रहे हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि हमें बीजेपी से ही उम्मीद है इसलिए हम अपनी मांग को लेकर यहां पहुंचे हैं।
हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरने की अनुमति नहीं दे रही है। यहां से रामलीला मैदान जाने को कह रही है। पुलिस की ओर से भी बार-बार यह कहा गया कि आप सभी को रामलीला मैदान जाना होगा। हालांकि प्रदर्शनकारी लगातार वहां जमे रहे और हजारों की संख्या में वहां पहुंचे रहे। यह इंस्टाग्राम-आधारित पेज है, जिसने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन जुटाने के तरीकों को अपनाकर तेजी पकड़ी है। इंस्टाग्राम पर 5.6 मिलियन फॉलोअर्स वाले इस कैंपेन ने पहले 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण-विरोधी प्रदर्शन का आह्वान किया था।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी ठडउ के तहत, शाम 4 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर ज्यादा से ज्यादा 500 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था के नजरिए से इस प्रदर्शन पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। यह अनुमति तब मिली है जब दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया था जिनमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई है।



