हीरापुर में 25 अक्टूबर से पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ, दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता के लिए 13 अक्टूबर तक पंजीयन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। मॉयल नगरी भरवेली के समीप ग्राम पंचायत हीरापुर स्थित श्री सिद्धपीठ विष्णुधाम मंदिर ट्रस्ट द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की श्रृंखला के तहत 25 से 29 अक्टूबर तक पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर ट्रस्ट के अध्यक्ष किरण भाई त्रिवेदी ने बुधवार को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा कर कार्यक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि श्री हनुमंत कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक आचार्य रोहित रिछारिया द्वारा किया जाएगा। कथा का शुभारंभ 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इसके बाद धार्मिक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। दोपहर 1 बजे मां दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता के विजेता दुर्गा समितियों का पुरस्कार एवं सम्मान समारोह होगा। शाम 7 बजे सुंदरकांड पाठ तथा शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष अमृत खीर प्रसाद वितरण किया जाएगा।
26 से 29 अक्टूबर तक प्रतिदिन कथा के बाद महाप्रसाद वितरण एवं श्री हनुमान अंश फिल्म का प्रसारण किए जाने की जानकारी ट्रस्ट द्वारा दी गई है।
दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता में 13 अक्टूबर तक पंजीयन
ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि के अवसर पर बालाघाट जिले के दुर्गा पंडालों के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं। ट्रस्ट के अनुसार प्रतियोगिता में पंडाल की साज-सज्जा, रचनात्मकता, विषय-वस्तु, प्रतिमा की कलात्मकता, धार्मिक वातावरण, स्वच्छता, अनुशासन एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं को मूल्यांकन का आधार बनाया जाएगा।
प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए 101 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इच्छुक दुर्गा समितियां 13 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकती हैं।
ट्रस्ट अध्यक्ष त्रिवेदी ने बताया कि आयोजनों का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा सेवा एवं सामाजिक चेतना से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने मंदिर परिसर में प्रस्तावित हनुमान प्रतिमा एवं मंदिर निर्माण के संकल्प का भी उल्लेख किया।
पत्रकार वार्ता के दौरान आयोजन समिति के अनिल बिसेन, नरेन्द्र जी महाराज, अमरसिंह धानेश्वर, डब्बूलाल नागेश्वर, आशीष साहू, संतोष अर्जुनवार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



