GTTCI में भारत और BRICS+ संवाद, व्यापार, निवेश और साझेदारी पर जोर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
नई दिल्ली : ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल ऑफ इंडिया (GTTCI) ने भारत की BRICS अध्यक्षता और आगामी BRICS शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली में ‘भारत और BRICS+ आर्थिक संबंध संवाद’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में राजनयिकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधियों, GTTCI सदस्यों और विशेषज्ञों ने व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा की।
GTTCI के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने BRICS के विस्तार और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने में इसकी बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार, लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को BRICS के प्रमुख आधार बताते हुए संवाद को व्यावसायिक अवसरों और निवेश साझेदारियों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मिस्र, इरिट्रिया, मॉरिटानिया और चीन के दूतावासों के राजनयिकों सहित इथियोपिया और जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चीन दूतावास के काउंसलर सोंग बो भी उपस्थित रहे।
भारत सरकार की पूर्व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने मुख्य संबोधन में भारतीय पारंपरिक ‘थाली’ प्रणाली का उदाहरण देते हुए खाद्य विविधता, पोषण, खाद्य सुरक्षा और स्थिरता के महत्व पर विचार रखे। वहीं, भारत में ब्राजील दूतावास के कृषि अताशे रॉबर्टो कार्लोस पापा ने भारत-ब्राजील के बीच कृषि और आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
GTTCI के सलाहकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य राजदूत डॉ. ज्ञानेश्वर एम. मुले ने राजनयिक मिशनों, व्यापारिक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को एक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना की।
रूस के डिप्टी ट्रेड कमिश्नर एवगेनी ग्रिवा ने ‘डूइंग बिजनेस इन इंडिया’ पर प्रस्तुति दी। GTTCI के डायरेक्टर शुभम गुप्ता*ने 9-10 सितंबर को आयोजित होने वाले INNOPROM इंटरनेशनल बिजनेस एक्सपो में ‘मेड इन रशिया पैविलियन’की जानकारी साझा की।
संवाद में GTTCI के सदस्यों और अतिथियों, जिनमें धीरज धर गुप्ता, सलमा सुल्तान और लायन अनुज अग्रवाल शामिल थे, ने भी सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकारों, राजनयिक मिशनों, व्यवसायों और संस्थानों के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता पर जोर देने के साथ हुआ।



