पाकुड़

उत्क्रमित उच्च विद्यालय रहसपुर के एसएमसी गठन व अध्यक्ष चयन में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने उपायुक्त से की कार्रवाई की मांग

Allegations of irregularities in the formation of the SMC and the selection of the president at Upkramit Uchch Vidyalaya Rahaspur; villagers demand action from the Deputy Commissioner.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ प्रखण्ड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रहसपुर में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के गठन एवं अध्यक्ष के चयन को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक समूह ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज के समक्ष शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वर्तमान समिति के गठन एवं अध्यक्ष चयन को निरस्त कर नियमों के अनुरूप पुनः प्रक्रिया के तहत कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता मोतिउर रहमान एवं अन्य ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में 3 सितंबर 2026 को SMC के गठन और अध्यक्ष पद के चयन के लिए आमसभा आयोजित की गई थी। अध्यक्ष पद के लिए मोतिउर रहमान के अलावा गांव के काबिल शेख भी उम्मीदवार थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा नियमों के विपरीत तरीके से मतदान कराया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मतदान के दौरान कुल 858 पर्चियां पड़ने की बात कही गई, जबकि बाद में 850 पर्चियों की ही गिनती दर्शाई गई। आरोप है कि मतगणना में काबिल शेख को दो मतों से विजयी घोषित कर अध्यक्ष चुन लिया गया। शिकायतकर्ता ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे निष्पक्ष एवं पारदर्शी नहीं होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुणाल कश्यप पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आपत्ति दर्ज कराने के दौरान संबंधित लोगों की ओर से शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार एवं धमकी दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि SMC विद्यालय के संचालन और बच्चों के शैक्षणिक हित से जुड़ी महत्वपूर्ण समिति है। ऐसे में इसके गठन और अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह नियमसम्मत, निष्पक्ष एवं पारदर्शी होना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा आवश्यकता होने पर SMC का पुनर्गठन कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि मामले की जांच के बाद वर्तमान SMC गठन एवं अध्यक्ष चयन को निरस्त कर नियमानुसार आमसभा और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नए सिरे से समिति का गठन तथा अध्यक्ष का चयन कराया जाए। वही मुखिया गीता कुमारी माल ने मीडिया के समक्ष बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन एवं अध्यक्ष का चयन नियमों के अनुरूप नहीं हुआ है। नियमानुसार पुनः अध्यक्ष चयन की दिशा में प्रशासन को पहल करना चाहिए। वही मोहम्मद हजरत अली ने मीडिया को बताया कि अध्यक्ष पद की पहली मतगणना के दौरान विजयी घोषित किए गए प्रत्याशी को 421 मत मिलने की जानकारी दी गई थी, जबकि दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में 429 मत प्राप्त होने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में हुई पुनर्मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद के लिए चयनित प्रत्याशी के मतों की संख्या अधिक बताये जाने, जबकि पहले अधिक मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी के मत घटाकर 419 किए जाने का आरोप लगाया गया। हजरत अली ने मतों की संख्या में हुए इस बदलाव को लेकर सवाल उठाते हुए 10 मतों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर पुनः अध्यक्ष चयन कराने की प्रक्रिया पर जोर देते हुए आवश्यक कदम उठाये जाने की मांग किया है। मोहम्मद हजरत अली ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय रहसपुर के स्कूल प्रबंधन समिति का अध्यक्ष चयन में एक ही खानदान से लगातार अध्यक्ष चयनित होने का भी आरोप लगाया। हालांकि दूरभाष पर पूछे जाने पर प्रधानाध्यापक कुणाल कश्यप ने बताया कि लगाया गया आरोप निराधार है और अध्यक्ष चयन प्रक्रिया के दौरान मुखिया भी मौजूद रहे। साथ ही कुणाल कश्यप ने कहा कि लगातार एक ही खानदान से स्कूल प्रबंधन समिति का अध्यक्ष चयन होने की हमें जानकारी नहीं है। शिकायत आवेदन जमा करने के दौरान मुखिया प्रतिनिधि हजरत उमर शेख़, अलिउर शेख, मोहम्मद हजरत अली, दाउद हुसैन, आनिकुल आलाम, केताबुल शेख, तारिकुल शेख समेत काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण सह-अभिभावकगण शामिल रहे।

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