गाजियाबाद
जन शिक्षण संस्थान गाजियाबाद ने मनाया 60वां अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस
96 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, शिक्षा और कौशल विकास के प्रति किया जागरूक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : जन शिक्षण संस्थान, गाजियाबाद के तत्वावधान में 60वें अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शिक्षा, साक्षरता, डिजिटल ज्ञान एवं कौशल विकास के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम विकास खंड रजापुर के डासना कार्यालय एवं मयूर विहार कॉलोनी, खंड लोनी के लाल बाग कॉलोनी, बुद्ध नगर कॉलोनी, लक्ष्मी गार्डन एवं गिरी मार्किट तथा खंड भोजपुर के तलहटा गांव में आयोजित किए गए। इस दौरान स्लोगन, निबंध लेखन, मेहंदी एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को साक्षरता एवं शिक्षा के महत्व का संदेश देते हुए विभिन्न स्लोगन प्रस्तुत किए गए। इनमें “हम सबका एक ही नारा, निरक्षरों को साक्षर बनाना है”, “हर घर में ज्ञान का चिराग तभी जलेगा, जब हर बच्चा स्कूल चलेगा” तथा “सभी समस्याओं का हल, शिक्षा देगा बेहतर कल” जैसे संदेश प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि यूनेस्को द्वारा वर्ष 1966 में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की स्थापना लोगों को साक्षरता एवं शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की गई थी। साक्षरता व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने, आत्मनिर्भर बनने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है।
वर्तमान डिजिटल युग में साक्षरता का महत्व और अधिक बढ़ गया है। पढ़ने-लिखने के साथ डिजिटल ज्ञान, वित्तीय जागरूकता, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और कौशल विकास भी व्यक्ति के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में साक्षरता को व्यापक शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
जन शिक्षण संस्थान, गाजियाबाद द्वारा भारत सरकार के निर्देशानुसार साक्षरता के साथ लोगों को विभिन्न हुनर एवं कौशल प्रदान करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य लोगों को ज्ञान, कौशल एवं रोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान, गाजियाबाद के निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह द्वारा लिखित लेख “साक्षरता मानव का एक आधार माना जाता है, जिसके जरिए नागरिक साक्षर होकर शिक्षित हो सकता है। यह सशक्तिकरण का मार्ग होता है तथा लोगों और समाज के विकास का साधन है।” को कार्यक्रम अधिकारी गुरुदीन द्वारा पढ़कर सुनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी गुरुदीन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदीप वशिष्ठ, नीलम श्रीधर, दीपशिखा, अर्चना वर्मा, एल्मा, दानिश्ता, मुस्कान, फरीन, पूजा, बबीता, अनीता रोहिल्ला, अंशु गर्ग, जेवर सिंह, निर्मल, रानी, वंशिका, मनु एवं सीमा सिद्दीकी का विशेष योगदान रहा।
आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में कुल 96 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

