गाजियाबाद
रेड फ्लेम हंगामे के बाद लोनी की सियासत में उबाल
सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक पर कसा तंज, बोले—फेसबुक की पोस्ट से नहीं सुधरती कानून-व्यवस्था
पूर्व विधायक चौधरी जाकिर अली को मैदान में उतारने की मांग ने पकड़ा जोर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : रेड फ्लेम रेस्टोरेंट में हुए विवाद और हंगामे के बाद लोनी की सियासत में भी जैसे गर्म तवे पर छींटे पड़ गए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मौजूदा भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर निशाना साधते हुए सवाल खड़े किए । साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक चौधरी जाकिर अली को सपा का चेहरा बनाए जाने की मांग भी तेज कर दी है।
सपा नेताओं का कहना है कि रेड फ्लेम प्रकरण ने एक बार फिर लोनी की कानून-व्यवस्था और भाजपा विधायक की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर बहस छेड़ दी है। कार्यकर्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि लोनी में कानून-व्यवस्था शायद अब थाने में कम और सोशल मीडिया की टाइमलाइन पर ज्यादा दिखाई देती है। फेसबुक और एक्स पर बयान आते ही मानो कानून-व्यवस्था की फाइल भी अपडेट हो जाती है, लेकिन जमीन पर हालात क्या हैं, यहा फर्जी मुकदमे व ऐसी घटनाएं खुद बता देती हैं।
बयान बहुत, समाधान कितना?
सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोनी की जनता को अब केवल सोशल मीडिया पोस्ट, बयान और आरोप-प्रत्यारोप नहीं चाहिए। जनता को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो विवाद की सूचना मिलने के बाद पोस्ट लिखने से पहले मौके की हकीकत समझे और कानून-व्यवस्था को राजनीतिक चश्मे के बजाय प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में देखे।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीति में पोस्ट डालना आसान है, लेकिन जनता के बीच भरोसा कायम करना और कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखना असली परीक्षा है। उनका आरोप है कि लोनी में बयानबाजी का ग्राफ कई बार जमीन पर विकास और व्यवस्था के ग्राफ से आगे निकल जाता है।
अब जाकिर अली की चर्चा क्यों?
रेड फ्लेम प्रकरण के बाद सपा कार्यकर्ताओं के बीच पूर्व विधायक चौधरी जाकिर अली को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने की मांग ने जोर पकड़ा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जाकिर अली पहले भी लोनी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और 2012 से 2017 के बीच उनके कार्यकाल को लेकर समर्थक शांति, भाईचारे और राजनीतिक संवाद का उदाहरण देते हैं।
सपा नेताओं का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी को ऐसे चेहरे की जरूरत है जिसकी पकड़ केवल सोशल मीडिया तक सीमित न हो, बल्कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच भी हो। उनका कहना है कि व्यापारी, आम नागरिक और विभिन्न वर्गों के लोग क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल चाहते हैं।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में उठी यह मांग फिलहाल सपा कार्यकर्ताओं की मांग ही है और इसे पार्टी का आधिकारिक टिकट निर्णय नहीं माना जा सकता।
अखिलेश यादव से लगाई गुहार
स्थानीय सपा नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की है कि लोनी की राजनीतिक परिस्थितियों और कार्यकर्ताओं की मांग को देखते हुए चौधरी जाकिर अली के नाम पर गंभीरता से विचार किया जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला केवल पोस्टर, बयान और सोशल मीडिया की सक्रियता से नहीं होगा। जनता के सामने असली सवाल सुरक्षा, विकास, सड़क, जलभराव, रोजगार और आपसी सौहार्द का होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि रेड फ्लेम का हंगामा जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल छोड़ गया है, वहीं इसकी राजनीतिक तपिश कितनी दूर तक जाती है। फिलहाल लोनी की राजनीति में बयानबाजी का पारा चढ़ चुका है

