शामली

आवास विकास की भूमि पर निर्माण पर रोक, राजस्व टीम ने शुरू की जांच

नामित सभासद की शिकायत पर पहले आवास विकास विभाग ने किया निरीक्षण, एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने संभाली जांच

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

झिंझाना। आवास विकास परिषद की भूमि पर कथित रूप से कराए जा रहे निर्माण को लेकर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम ऊन के निर्देश पर तहसीलदार ललिता चौधरी के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची और भूमि एवं निर्माण कार्य की स्थिति का निरीक्षण किया। जांच पूरी होने तक मौके पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।मामले की शिकायत नामित सभासद एवं भाजपा आइटी सेल के जिला सह संयोजक रवि गहलोत ने आवास विकास विभाग, एसडीएम ऊन तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। शिकायत में नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेश पाल पर आवास विकास की भूमि पर कथित रूप से निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए जांच और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की गई थी।शिकायत के बाद गुरुवार को आवास विकास विभाग के जेई सौरभ कुमार और अवर अभियंता संतोष कुमार ने मौके पर पहुंचकर भूमि तथा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेजने की बात कही थी। इसके बाद शुक्रवार को तहसीलदार ललिता चौधरी, कानूनगो कामेंद्र सिंह, कानूनगो विशंभर तथा लेखपाल अजीत कुमार की टीम मौके पर पहुंची और अभिलेखों एवं मौके की स्थिति के आधार पर जांच शुरू की।तहसीलदार ललिता चौधरी ने बताया कि शिकायत में आवास विकास परिषद द्वारा पूर्व में बनाए गए मकानों को ध्वस्त कर उसी स्थान पर दोबारा निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है। जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता रवि गहलोत का कहना है कि वर्ष 2008-09 में आवास विकास परिषद की ओर से यहां 62 आवासों का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि इनमें सीतापुरी स्थित पांच मकानों को करीब एक वर्ष पहले ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के बाद मलबा मौके से हटा दिया गया और अब उसी स्थान पर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

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