
मिशन शक्ति, साइबर हेल्प डेस्क और विभिन्न रजिस्टरों की जांच
तीन दिन में रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश
लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई ने शनिवार को कोतवाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मिशन शक्ति केंद्र, साइबर हेल्प डेस्क सहित विभिन्न अभिलेखों और रजिस्टरों की स्थिति का जायजा लिया। कई अभिलेखों में प्रविष्टियां अपूर्ण मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को रिकॉर्ड तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। वहीं दोबारा निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण और उनके अद्यतन रखरखाव की स्थिति देखी। इसके बाद थाना परिसर का भ्रमण कर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता तथा आगंतुकों एवं पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने परिसर में नियमित साफ-सफाई और हरित वातावरण बनाए रखने के साथ अभिलेखों का सतत अद्यतन रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिशन शक्ति केंद्र के रजिस्टरों और शिकायत निस्तारण की स्थिति की गहनता से जांच की गई। कुछ रजिस्टरों में आवश्यक प्रविष्टियां पूर्ण एवं अद्यतन नहीं पाई गईं। इस पर प्रभारी निरीक्षक को प्रविष्टियां तत्काल पूर्ण करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई। एसपी ने महिला संबंधी अपराधों में तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने और पीडि़ताओं की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साइबर हेल्प डेस्क के अभिलेखों और रजिस्टरों का भी निरीक्षण किया गया। पुलिस अधीक्षक ने इनके सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रख-रखाव के निर्देश दिए। इस दौरान साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों के साइबर अपराधों की विवेचना, शिकायतों के निस्तारण तथा संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों के संचालन एवं उपयोग से संबंधित ज्ञान का परीक्षण भी किया गया। आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए साइबर शिकायतों पर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया। निरीक्षण में जमानत रजिस्टर की जांच के दौरान कई प्रविष्टियां अपूर्ण मिलीं। इन्हें नियमानुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं रजिस्टर संख्या-04 में कई स्थानों पर अनुक्रमणिका अंकित नहीं थी तथा अपराध का विवरण एवं अन्य आवश्यक प्रविष्टियां भी अधूरी मिलीं। एसपी ने संबंधित को सभी प्रविष्टियां पूर्ण करने और अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रजिस्टर संख्या-08 में भी आवश्यक प्रविष्टियों को नियमानुसार पूरा कर तीन दिन के भीतर अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आगामी निरीक्षण में फिर से ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने हिस्ट्रीशीटर रजिस्टर का भी अवलोकन किया। इसमें आवश्यक प्रविष्टियां पूर्ण एवं अद्यतन नहीं मिलीं। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को रजिस्टर की सभी प्रविष्टियां नियमानुसार पूर्ण करने और अपराधियों से संबंधित अभिलेखों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी ने प्रभारी निरीक्षक समेत सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि थाना आने वाले प्रत्येक आगंतुक और फरियादी के साथ शिष्ट एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। सीयूजी फोन को हमेशा क्रियाशील रखने तथा प्राप्त होने वाले कॉलों का समयबद्ध उत्तर देने को कहा। उन्होंने जनसामान्य की शिकायतों और समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि पुलिस की जनोन्मुखी और सकारात्मक कार्यशैली बनी रहे। पुलिस अधीक्षक ने अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मादक पदार्थ और शराब की तस्करी एवं व्यापार में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने को कहा। आदतन एवं संगठित अपराधियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित करने और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। एसपी ने सभी विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक विवेचना में साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से संकलन करने तथा अभियोगों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों का उचित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने तथा शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत फीडबैक लेने के लिए भी निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि थाना स्तर पर अभिलेखों के रखरखाव, जनशिकायतों के निस्तारण और अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



