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शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकी संगठन घोषित

यूएपीए के तहत की गई बड़ी कार्रवाई; क्या है इस गैंग का पूरा खेल?

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है। मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेलने और नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री प्रकाशित करने में शामिल रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क यानी एसबीएन को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के विजन के तहत की गई है। मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवाद की ओर धकेलने में शामिल रहा है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकी संगठन क्यों घोषित किया गया?
केंद्र का मानना है कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकवाद में शामिल रहा है और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के विभिन्न मामलों में उसकी भागीदारी रही है। मंत्रालय ने कहा कि नेटवर्क का कथित उद्देश्य युवाओं और स्थानीय अपराधियों को लालच देकर अपने साथ जोड़ना, उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करना और सीमा पार से हथियार, विस्फोटक तथा मादक पदार्थों की तस्करी करना रहा है। इसके जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक-सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने का आरोप लगाया गया है।
यूएपीए के तहत अब इस नेटवर्क पर क्या कार्रवाई हुई?
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में यूएपीए की धारा 35(1)(ए) का इस्तेमाल किया गया है। इसके तहत शाहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। इस सूची में उन संगठनों के नाम होते हैं जिन्हें भारतीय कानून के तहत आतंकी संगठन घोषित किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक शाहजाद भट्टी नेटवर्क इस सूची में शामिल होने वाला 46वां संगठन है। यानी अब एसबीएन को औपचारिक तौर पर भारतीय कानून के तहत आतंकी संगठन का दर्जा मिल गया है।
नेटवर्क पर युवाओं को आतंक की ओर धकेलने का क्या आरोप है?
शाहजाद भट्टी नेटवर्क कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने के लिए लालच और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करता था। नेटवर्क पर छोटे अपराधों में शामिल स्थानीय लोगों को भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का आरोप है। मंत्रालय ने कहा कि एसबीएन दूसरे प्रतिबंधित संगठनों और इसी तरह नामित संस्थाओं के साथ मिलकर भारत विरोधी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने में भी शामिल रहा है। नेटवर्क पर हिंसक गतिविधियों के जरिए सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने का आरोप भी लगाया गया है।

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