पांच दिन में दूसरी वारदात से सवालों के घेरे में चौसाना पुलिस
रकम लूटने के बाद आरेापियों का विरोध
चौसाना में लिफ्ट के बहाने जेब साफ, 20 हजार निकालकर ग्रामीण को रास्ते में उतारा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चौसाना के एक व्यक्ति को लिफ्ट देकर रास्ते मे बीस हजार जेब से निकालकर बाइक से उतारने का आरोप लगा है। पीडित का कहना है कि गंगोह जाने के जाने के चौसाना के गंगोह बस स्टेंड के पास खडा था। तभी दो बाइक सवार व्यक्ति आये और गंगोह तक लिफ्ट देने की बात कही। जिस पर प्रार्थी बाइक पर बैठक गया। करीब आठ सौ मीटर दूर राज पैलेस पर बाइक सवारो ने जेब से पैसे निकालकर बाइक से उतार दिया। पीडित ने चौसाना चौकी पर तहरीर देकर कार्यवाही की मंाग की है।
चौसाना चौकी क्षैत्र मे एक सप्ताह के भीतर ग्रामीणों से लूट की यह दूसरी वारदात है। बीते दिवस शनिवार की सुबह को चौसाना निवासी इरशाद पुत्र कलीमुदीन अपने घर से गंगोह जाने के लिए निकला था। पीडित को गंगोह से चूडियां लानी थी। गंगोह बस स्टेंड पर करीब दस से ग्यारह बजे के बीच बस का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान एक बाइक सवार दो युवक आए और बाइक पर बैठने को कहने लगे। पीडित ने लिफ्ट के कारण बाइक की सवारी कर ली। करीब आठ सौ मीटर दूर जाने पर बाइक सवारो ने पीडित की जेब से बीस हजार की नगदी को निकाल लिया और पीडित को बाइक से उतारकर चले गए। पीडित का आरोप है कि आरेापियों का विरोध करते हुए रोकने का प्रयास किया गया लेकिन दोनो युवक फरार हो गए। इसके बाद पीडित पुलिस चौकी आये और पुलिस को घटना की जानकारी दी। लेकिन चौबीस घंटे बीतने के बाद भी पुलिस ने मामले मे कोई प्रभावी कार्यवाही नही की है। वही चौकी प्रभारी राहुल कुमार का कहना है कि हम लोग तफ्तीश के लिए पीडित को फोन कर रहे है लेकिन वही फोन नही उठा नही रहा।
पॉच दिन मे दो लूट,पल्ला झाड रही पुलिस
चौसाना। बीतें 14 सितम्बर की रात्रि मे मजरा बढी निवासी जिलेदार,लकडी व्यापारी ने रात्रि के समय मे सकौती के जंगल मे डेढ लाख की लूट का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने लूट को गलत बताते हुए मामले को दर्ज नही किया था। जिसके बाद फिर से बदमाशों ने अपने पैर पसारे और बीते दिवस इरशाद को अपना निशाना बनाते हुए बीस हजार की नगदी पर हाथ साफ कर लिया। जिस पर चौकी प्रभारी राहुल कुमार बताते है कि पीडित को फोन करके बुलाया पर वही आ नही रहे। हो सकता है कि उनकी जेब से पैसे कही ओर निकले हो। जबकि लूट जैसे संज्ञेय अपराध के मामले मे पुलिस की शिथिलता जगजाहिर हो रही है।


