नशा मुक्त युवा–विकसित भारत का संकल्प, एलीट पब्लिक स्कूल ने निकाली जागरूकता रैली
Pledge for a Drug-Free Youth and a Developed India: Elite Public School Organizes Awareness Rally

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। नशे के दुष्परिणामों के प्रति युवाओं और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एलीट पब्लिक स्कूल, पाकुड़ की ओर से “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” विषय पर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की। यह अभियान CBSE की ओर से संचालित “Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat” पहल के अनुरूप आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ साथियों के दबाव से बचने, सही निर्णय लेने, जरूरत पड़ने पर समय रहते सहायता लेने और अपने मित्रों को भी नशे से दूर रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने भाषण, प्रश्नोत्तरी, विचार-विमर्श और जागरूकता संदेशों के माध्यम से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। स्वस्थ, शिक्षित और अनुशासित युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकते हैं। जागरूकता रैली के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों और संदेशों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। विद्यार्थियों ने समाज से अपील की कि युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित किया जाए। विद्यालय के निदेशक अरविंद साह ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि बच्चे और युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाएं, तो वे अपने साथ-साथ राष्ट्र के भविष्य को भी मजबूत कर सकते हैं। सह-निदेशक अनूपम आनंद ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए विद्यालय, परिवार और समाज को मिलकर बच्चों को सही दिशा देनी होगी। उन्होंने जागरूकता को इस दिशा में पहला और महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, प्रधानाचार्य अभिजीत रॉय ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक नागरिक भावना विकसित होती है। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा नशामुक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ। मुख्य संदेश- “नशे को ना—जिंदगी को हां! “स्वस्थ युवा—मजबूत समाज—विकसित भारत!”



