बागपत

बढ़ते हार्ट अटैक के चलते लोगों में दहशत, कैसे हो बचाव?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण हृदय स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। हार्ट अटैक ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनियों में अचानक रुकावट आ सकती है। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए जीवनशैली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं।
सीने में दर्द को नजरअंदाज न करें
हार्ट अटैक का सबसे सामान्य संकेत सीने में दबाव, जकड़न या दर्द हो सकता है। यह दर्द बांह, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। सांस फूलना, ठंडा पसीना, अचानक कमजोरी, चक्कर, मितली या बेचैनी भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और मधुमेह से पीड़ित लोगों में लक्षण कभी-कभी अलग या कम स्पष्ट हो सकते हैं।
ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें और कुछ मिनटों में ठीक न हों या दोबारा आते रहें तो इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। मरीज को स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने के बजाय संभव हो तो एम्बुलेंस की सहायता लेनी चाहिए।
बचाव में जीवनशैली की बड़ी भूमिका
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। अत्यधिक नमक, चीनी, तला-भुना भोजन, ट्रांस फैट और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। भोजन में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मेवे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
नियमित शारीरिक गतिविधि भी बेहद महत्वपूर्ण है। स्वस्थ वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि का लक्ष्य रखा जा सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को भी कम करना चाहिए।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन हृदय तथा रक्त वाहिकाओं के लिए नुकसानदायक है। इसे छोड़ना हृदय संबंधी जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शराब का सेवन भी सीमित रखना या इससे बचना बेहतर है।
बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकते हैं। इसलिए उम्र, पारिवारिक इतिहास और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। यदि डॉक्टर ने रक्तचाप, मधुमेह या कोलेस्ट्रॉल की दवा शुरू की है तो उसे अपनी मर्जी से बंद नहीं करना चाहिए।
तनाव और नींद पर भी दें ध्यान
लगातार तनाव, खराब नींद और अनियमित दिनचर्या भी समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। पर्याप्त नींद, नियमित दिनचर्या, योग-ध्यान जैसी गतिविधियां और परिवार के साथ समय बिताना तनाव प्रबंधन में मदद कर सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि हार्ट अटैक के डर में रहने के बजाय उसके जोखिम को समझकर बचाव के कदम उठाए जाएं। स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, तंबाकू से दूरी, नियमित स्वास्थ्य जांच और चेतावनी के लक्षणों पर तत्काल चिकित्सा सहायता—ये कदम हृदय की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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