कुटुंब न्यायालय की पहल से दो दंपतियों में सुलह, टूटते परिवार को मिला सहारा
Reconciliation between two couples through the Family Court's initiative; support found for families on the verge of breaking up.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय में गुरुवार को प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से दो अलग-अलग वैवाहिक विवादों का सुखद समाधान कराया गया। न्यायालय में चल रहे मूल भरण-पोषण वाद संख्या 158/2026 एवं ओरिजिनल सूट संख्या 81/2026 में पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद दूर कराए गए। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से दोनों मामलों में पति-पत्नी ने अपने मतभेद भुलाकर आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायालय की पहल से दोनों परिवारों में एक बार फिर साथ रहने की सहमति बनी। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश ने दंपतियों को आपसी समझ, विश्वास और सहयोग के साथ वैवाहिक जीवन बिताने की सलाह दी। उन्होंने पति-पत्नी को आपसी मनमुटाव से बचने तथा एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की बात कही। सुलह के बाद दोनों दंपतियों को खुशी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया। इस अवसर पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के अधिवक्ता तथा परिजन मौजूद रहे।



