राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का किया पुतला दहन, इस्तीफा की मांग
RJD workers burned an effigy of the Chief Election Commissioner and demanded his resignation.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पाकुड़ मुख्य सड़क स्थित साइमन मरांडी के पेट्रोल पंप के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर विरोध जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व राजद के जिला अध्यक्ष महावीर मड़ैया ने किया। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जिला अध्यक्ष महावीर मड़ैया ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से गरीब एवं वंचित तबके के लोगों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया से विपक्षी दलों को नुकसान और भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर भी SIR की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गये हैं। उन्होंने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष SIR प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उनके अनुसार इस पर अपेक्षित जवाब ज्ञानेश कुमार के द्वारा नहीं दिया गया। महावीर मड़ैया ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं। हालांकि, ये उनके राजनीतिक दल के आरोप हैं। उन्होंने SIR के तहत पश्चिम बंगाल और बिहार में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में करीब 27 लाख और बिहार में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अन्यथा आज पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार होती और बिहार में राजद का सरकार होता। राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची में पारदर्शिता और सभी पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा की मांग करती है। उन्होंने SIR प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा किए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राजद के स्थानीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



