फार्मासिस्टों ने समस्याओं पर चर्चा कर सीएमओ से समाधान की मांग का निर्णय लिया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्थानीय अपना घर आश्रम में रह रहे 100 से अधिक प्रभुजनों को भोजन प्रसादी वितरित की। इसके बाद एक स्थानीय रेस्टोरेंट में गोष्ठी आयोजित कर फार्मासिस्टों की समस्याओं और हितों पर चर्चा की गई।
गोष्ठी में जनपद के फार्मासिस्टों ने चिकित्सा क्षेत्र में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। फार्मासिस्टों ने कहा कि जनपद में फार्मासिस्टों की संख्या कम होने के कारण प्रत्येक फार्मासिस्ट पर कार्य का अत्यधिक दबाव है। बैठक में आपातकालीन ड्यूटी से फार्मासिस्टों को हटाने का प्रस्ताव भी रखा गया। फार्मासिस्टों का कहना था कि अन्य प्रदेशों में इमरजेंसी में फार्मासिस्टों की ड्यूटी नहीं होती, जबकि उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था लागू है।
फार्मासिस्टों ने चिकित्सा इकाइयों तक औषधियों की ढुलाई के लिए मिलने वाली सरकारी धनराशि का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि इसके बावजूद जनपद में फार्मासिस्टों को अपने खर्च पर औषधियों की ढुलाई करनी पड़ रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केरटू पर तैनात फार्मासिस्ट मोहम्मद बारीक को शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष यूएन भट्ट, उपाध्यक्ष गजेंद्र मलिक, प्रांतीय उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, मनोज वर्मा, अजय कुमार, नवनीत शर्मा, परमेंद्र, पंकज, योगेश, कमल, सुनील, नितिन सहित अनेक फार्मासिस्ट मौजूद रहे।




