बागपत
बिनौली में स्वास्थ्य सेवा की मिसाल, चार दशक बाद भी जारी है सेवा का सफर
डॉ. सुकर्मपाल रोधिया की विरासत को डॉ. अंकुर रोधिया और डॉ. हर्षिता चौजार दे रहे नई ऊंचाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बिनौली (बागपत)। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प बिनौली में रोधिया परिवार की पहचान बन चुका है। करीब चार दशक पहले डॉ. सुकर्मपाल रोधिया ने बिनौली में चिकित्सा सेवा की शुरुआत कर गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण लोगों के उपचार को प्राथमिकता दी। अब उनके पुत्र डॉ. अंकुर रोधिया और पुत्रवधू डॉ. हर्षिता चौजार इस सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. सुकर्मपाल रोधिया ने अपने लगभग 40 वर्षों के चिकित्सकीय सफर में क्षेत्र के लोगों के बीच भरोसा कायम किया। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के उपचार को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी। परिवार का कहना है कि मरीज के पास उपचार के लिए पर्याप्त पैसे हों या नहीं, चिकित्सा सेवा को धन से ऊपर रखा गया।
डॉ. अंकुर रोधिया ने बीपीटी, एमपीटी (ऑर्थोपेडिक्स) की शिक्षा प्राप्त की है और करीब आठ वर्षों से चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं डॉ. हर्षिता चौजार बीपीटी, एमपीटी (न्यूरोलॉजी) हैं और वह भी लगभग आठ वर्षों से अपने क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं।
बड़े शहरों की बजाय बिनौली में सेवा का फैसला
दोनों चिकित्सकों के पास बड़े शहरों में काम करने और बेहतर आय अर्जित करने के अवसर थे, लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्र में रहकर ग्रामीण लोगों की सेवा करने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य है कि गांव और आसपास के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
इसी उद्देश्य के तहत बिनौली में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है। यहां डिजिटल एक्स-रे, फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं तथा फार्मेसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
डिजिटल एक्स-रे की सुविधा से मरीजों को जांच के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी। फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से हड्डियों, जोड़ों, मांसपेशियों और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जुड़े मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं स्थानीय स्तर पर फार्मेसी की सुविधा उपलब्ध होने से आवश्यक दवाएं भी एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
ग्रामीण क्षेत्र में किफायती चिकित्सा पर जोर
रोधिया परिवार का कहना है कि चिकित्सा सेवाओं का उद्देश्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उचित और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। बड़े शहरों में उपचार पर होने वाले अधिक खर्च को देखते हुए बिनौली और आसपास के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
चार दशक पहले शुरू हुई यह चिकित्सा सेवा अब नई पीढ़ी के हाथों आगे बढ़ रही है। पिता के अनुभव और सेवा भावना के साथ डॉ. अंकुर रोधिया और डॉ. हर्षिता चौजार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने में जुटे हैं। इससे बिनौली और आसपास के गांवों के लोगों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

