जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक में डीसी मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
In the review meeting of Jal Jeevan Mission and Swachh Bharat Mission, DC Megha Bhardwaj directed the officials to take timely action.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाने, लंबित जलापूर्ति योजनाओं को समय पर पूरा करने तथा ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने वन विभाग, आरसीडी, एनएच, एनएचएआई, विद्युत विभाग एवं भूमि से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियों और अनापत्ति प्रमाण-पत्र के लंबित मामलों का संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने एकल ग्राम योजना के तहत शेष सभी कार्यों को दिसंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा कर योजनाओं का हैंडओवर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, बहु-ग्राम योजनाओं के लंबित कार्यों को भी जल्द पूरा कर हैंडओवर करने तथा पूर्व में पूर्ण हो चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित समितियों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों द्वारा जलापूर्ति के लिए निर्धारित उपयोगकर्ता प्रभार (यूजर चार्ज) के संग्रह की नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 02 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक संचालित ‘जल जनभागीदारी अभियान’ को औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जलापूर्ति योजनाओं के सामुदायिक स्वामित्व और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के तहत प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुमोदन को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। आवश्यक मशीनों, वाहनों, प्लास्टिक बूथ, पीपीई किट समेत अन्य सामग्रियों की पारदर्शी खरीद के लिए दर निर्धारण समिति के गठन का निर्णय लिया गया। योजनाओं के दीर्घकालिक एवं प्रभावी संचालन और रखरखाव के लिए अनुभवी एजेंसी के चयन को लेकर इच्छा की अभिव्यक्ति आमंत्रित करने हेतु ऑनलाइन टेंडर जारी करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत जनजागरूकता और क्षमता संवर्धन से संबंधित IEC/HRD मद में व्यय की अनुमति प्रदान की गई। बैठक में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और ‘वेस्ट टू आर्ट पार्क’ की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीण स्वच्छता एवं ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोबरधन योजना के प्रभावी संचालन और विस्तार पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की सफलता केवल योजनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है। योजनाओं का सतत संचालन, रखरखाव और उसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं समितियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों से अपील की गई कि वे हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। साथ ही जल एवं स्वच्छता से जुड़ी सरकारी योजनाओं के उचित संचालन, रखरखाव और संरक्षण में सहयोग करें। बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता, जिला समन्वयक समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।



