
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लेखपाल संवर्ग की लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी के बावजूद उनकी कई वर्षों पुरानी मांगों पर शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने मांगों का समाधान नहीं होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि यह मांग करीब दस वर्षों से लंबित है। इसके अलावा वर्ष 2019 के बाद अंतर्मंडलीय स्थानांतरण नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए इच्छुक लेखपालों के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की गई। संघ के अनुसार करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद एवं गृह मंडल से दूर कार्यरत हैं।
लेखपालों ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने तथा विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। साथ ही चयन वर्ष 2024 के नव नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम एवं प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी शामिल रही। लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह, बाइक वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह तथा विशेष भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग की।
संघ ने भूलेख कार्यालयों एवं विभिन्न पटलों पर संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे उनके मूल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना लेखपालों का रोस्टर लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।
लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने तथा लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। संघ ने कहा कि 17 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने अथवा आमजन को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन एवं राजस्व परिषद की होगी। इस दौरान लेखपालों ने धरना भी दिया।
इस अवसर पर यतेन्द्र बालियान, प्रशांत चौहान, रविन्द्र देशवाल, भूपेन्द्र चौधरी, मिनाक्षी चौहान, विमल, रचिता जैन, दिलशाद, वसीम और अनिरुद्ध आदि मौजूद रहे।


