
हापुड़ देहात पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, प्रतिबंधित करेंसी के साथ घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हापुड़। वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान बंद किए गए पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों की बड़ी खेप के साथ हापुड़ पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जनपद में अपराध की रोकथाम और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत हापुड़ देहात पुलिस और जनपदीय स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी बरामद हुई है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक अपाचे मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
पुलिस के मुताबिक 8 अक्टूबर को स्वाट टीम जनपद हापुड़ और थाना हापुड़ देहात पुलिस की संयुक्त टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एनएच-9 सर्विस रोड पर श्री जी पेट्रोल पंप के सामने संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से प्रतिबंधित पुरानी करेंसी की बड़ी रकम बरामद होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी की पहचान देवेन्द्र उर्फ रैला पुत्र सतपाल सिंह, निवासी ग्राम पचोतक, थाना लोनी, जनपद गाजियाबाद, हाल निवासी फ्री होल्ड मार्केट लाल बिल्डिंग वाला स्कूल, थाना कविनगर, गाजियाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी लोगों से संपर्क कर उन्हें नई करेंसी दिलाने का झांसा देता था। इसके बदले वह उनसे नई करेंसी की तुलना में अधिक रकम में पुरानी प्रतिबंधित करेंसी लेता था। पुलिस के अनुसार इस प्रक्रिया में आरोपी को अच्छा-खासा कमीशन प्राप्त होता था। मामले की जांच करते हुए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित करेंसी कहां से आई और इस नेटवर्क में उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1,44,00,000 रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी और घटना में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 14BY 0966) बरामद की है। पुलिस ने बरामदगी के संबंध में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में स्वाट टीम प्रभारी सुनील कुमार, थाना हापुड़ देहात प्रभारी समेत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।



