गोड्डा
दियाजोरी दुष्कर्म कांड को लेकर महागामा में उबाल
पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य ममता कुमारी ने उठाई मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
महागामा। महागामा थाना क्षेत्र के दियाजोरी जंगल में नाबालिग बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की जघन्य घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है। पीड़िता को न्याय दिलाने तथा उसके परिवार को सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर महागामा के लाल बगीचा पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य ममता कुमारी ने हिस्सा लिया। उन्होंने खेतौरी समाज के गणमान्य व्यक्तियों, युवाओं और समाज के अन्य प्रबुद्ध लोगों के साथ घटना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पांच सूत्री मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। बैठक में ममता कुमारी ने कहा कि किसी भी समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। दियाजोरी की घटना बेहद गंभीर है। ऐसी घटनाओं में पीड़िता को केवल न्याय दिलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके भविष्य, शिक्षा, सुरक्षा और मानसिक संबल की जिम्मेदारी भी प्रशासन एवं समाज को उठानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो बैठक में रखी गईं पांच प्रमुख मांगें बैठक के दौरान पांच सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। पहली मांग : पीड़ित बच्ची को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उसके पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहायता मिल सके।दूसरी मांग : पीड़ित बच्ची का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन कराया जाए, जिससे उसकी पढ़ाई जारी रह सके और उसे बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। तीसरी मांग : पीड़ित बच्ची एवं उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। परिवार को भयमुक्त वातावरण मिले और किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी की आशंका नहीं रहे। चौथी मांग : घटना में शामिल सभी आरोपितों की पहचान सुनिश्चित करते हुए पुलिस द्वारा नियमानुसार पहचान परेड और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि किसी भी दोषी को बचने का मौका नहीं मिले पांचवीं मांग : मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष सुनवाई कर सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए बैठक में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। पीड़िता के भविष्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस घटना का असर केवल पीड़ित बच्ची और उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे समाज में चिंता और असुरक्षा का वातावरण बना है। इसलिए प्रशासन को मामले में गंभीरता दिखाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ उसके परिवार की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वक्ताओं ने यह भी कहा कि पीड़िता की पहचान और सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी परिस्थिति में बच्ची की निजता सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। समाज के लोगों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग देने की बात कही। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा बैठक के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि पांच सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। दोषियों को कानून के दायरे में लाकर न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। साथ ही पीड़िता को आर्थिक सहायता, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।


