
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी/गाजियाबाद : लोनी कोतवाली क्षेत्र की अली गार्डन, निठौरा रोड निवासी सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना लोनी और देहात जोन की स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने निठौरा रोड रेलवे अंडरपास के पास घेराबंदी की। मुठभेड़ के दौरान जीशान मारा गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
ऑफिस में घुसकर किया था हमला
सलीम वास्तिक पर उनके कार्यालय में घुसकर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल सलीम का इलाज दिल्ली के अस्पताल में जारी है
इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की । जिसमें जीशान और उसके भाई गुलफाम का नाम सामने आया था।वह सलीम वास्तविक के भाई हैं
अंडरपास के पास देर रात हुई पुलिस मुठभेड़
1 मार्च की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फिर किसी वारदात को देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर निठौरा रोड रेलवे अंडरपास के पास अपना जाल बिछाया। जैसे ही वे दोनों वहां पहुंचे पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी।
बाइक फिसलने के बाद दोनों आरोपी एक खाली प्लॉट की दीवार की आड़ लेकर गोलीबारी करने लगे। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि थाना प्रभारी लोनी और एक उपनिरीक्षक की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी।
जवाबी कार्रवाई में जीशान गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। मौके से विदेशी .32 बोर पिस्टल, जिंदा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक और खून से सना पेपर कटर बरामद किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली पुलिस को सफलता
घटना के चार दिन के भीतर आरोपियों की पहचान, इनाम घोषित करना और सटीक घेराबंदी करना पुलिस की सक्रिय रणनीति को दर्शाता है। हालांकि एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
लोनी की यह मुठभेड़ एक बार फिर साबित करती है कि अपराध के बाद बच निकलना अब आसान नहीं है। कानून के हाथ लंबे हैं और कार्रवाई तय है।


