सिंगरौली
नगरीय तहसील सिंगरौली फिर उपेक्षित एक अधिकारी पर दो-दो प्रभार
प्रशासनिक फैसलों पर उठे गंभीर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले में हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद एक बार फिर नगरीय तहसील सिंगरौली की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि शहर की सबसे महत्वपूर्ण तहसील को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता साफ नजर नहीं आ रही। स्थिति यह है कि एक ही अधिकारी को कचनी और बैढ़न सहित दो-दो प्रभार सौंप दिए गए, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक तहसीलदार सविता यादव पहले से ही जिम्मेदारियों के बोझ तले हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब एक अधिकारी पर कई जिम्मेदारियां लाद दी जाएंगी, तो नगरीय तहसील की व्यवस्था आखिर कैसे सुचारू रूप से चल पाएगी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन का पूरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है, जबकि नगरीय तहसील सिंगरौली लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। इसका खामियाजा शहर के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें राजस्व और अन्य जरूरी कामों के लिए बार-बार भटकना पड़ता है।
लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब हालिया आदेश में कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया, तो नगरीय तहसील को लेकर स्पष्ट व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई? क्या तहसीलदार सविता यादव का भी किसी अन्य स्थान पर फेरबदल होगा या फिर इसी तरह अतिरिक्त प्रभार देकर व्यवस्था को चलाया जाएगा?
प्रशासनिक फैसलों को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है कि एक ही अधिकारी को दो-दो प्रभार देना व्यवस्था सुधारने का प्रयास है या फिर जिम्मेदारियों से बचने का तरीका। फिलहाल शहर के लोगों की नजर अब जिला प्रशासन पर टिकी है
क्या नगरीय तहसील सिंगरौली की उपेक्षा खत्म होगी, या फिर शहर की समस्याएं यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएंगी?



