पचुवारा नॉर्थ कोल माइंस की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त, ग्रामीणों की मांगों पर बनी सहमति
Indefinite strike at Pachwara North Coal Mines ends, villagers' demands agreed upon

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। अमड़ापाड़ा स्थित पचुवारा नॉर्थ कोल माइंस (PNCM) में अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति द्वारा 9 मार्च 2026 से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार (13 मार्च 2026) को पांचवें दिन समाप्त हो गई। प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र पर पचवारा नॉर्थ कोल माइंस प्रबंधन ने बिंदुवार प्रतिक्रिया दी और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निर्णय
ग्रामीणों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रबंधन ने कई कदम उठाने पर सहमति जताई। 1 अप्रैल 2026 से 10 गांवों के ग्रामीणों के लिए बिशुनपुर कम्युनिटी हॉल में डॉक्टर के साथ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बरमासिया स्थित WBPDCL टेलीमेडिसिन यूनिट के माध्यम से प्राथमिक जांच और निःशुल्क दवाइयों की सुविधा भी मिलेगी। प्रबंधन ने यह भी घोषणा की कि 1 अप्रैल 2026 से ग्रामीणों के लिए एक समर्पित एम्बुलेंस माइंस कैंप कार्यालय में तैनात की जाएगी। यह एम्बुलेंस पहले से उपलब्ध सात एम्बुलेंस के अतिरिक्त होगी। साथ ही एक मोबाइल मेडिकल यूनिट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें डॉक्टर, नर्स और लैब तकनीशियन की सुविधा होगी। यह यूनिट निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक गांव में महीने में दो बार जाकर मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवाइयां उपलब्ध कराएगी। इसके अतिरिक्त अमड़ापाड़ा स्थित सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को भी जरूरत के अनुसार उन्नत किया जाएगा। जिला प्रशासन की सलाह के अनुसार यहां ऑपरेशन थिएटर, जांच उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था और लेबर रूम का विकास किया जाएगा। पचवारा नॉर्थ कोल माइंस से प्रभावित परिवारों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए CHC में एक समर्पित टीम भी तैनात की जाएगी।
छात्रों को मिलेगी वित्तीय सहायता
ग्रामीणों की मांग पर प्रबंधन ने 10+2 विद्यालय की स्थापना तक गांव के छात्रों को वित्तीय सहायता देने पर सहमति जताई। WBPDCL द्वारा पहले से ही UKG से लेकर उच्च शिक्षा तक बच्चों की स्कूल फीस की एक निश्चित सीमा तक प्रतिपूर्ति की जा रही है। हालांकि 148 छात्रों में से 49 छात्रों को पूरी फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिसे लेकर जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी।
स्थापित होंगे स्किल ट्रेनिंग सेंटर
माइंस लीज क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग पर प्रबंधन ने माइंस क्षेत्र में दो HEMM सिमुलेटर और अमड़ापाड़ा ट्रेनिंग सेंटर में एक सिमुलेटर स्थापित करने का आश्वासन दिया। इसके लिए ग्रामीणों को आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
भूमि समतलीकरण का आश्वासन
बिशुनपुर मौजा में भूमि समतलीकरण की मांग पर प्रबंधन ने कहा कि परियोजना पूर्ण होने के बाद जिला खनन पदाधिकारी (DMO), पाकुड़ के परामर्श से मौजूदा माइन क्लोजर और पुनर्वास योजना के अनुसार भूमि का समतलीकरण किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन के निर्देशानुसार खदान का कार्य आगे बढ़ने के साथ-साथ रिक्लेमेशन का कार्य भी किया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एसडीओ पाकुड़ साइमन मरांडी, एसडीपीओ महेशपुर विजय कुमार, अंचल अधिकारी अमड़ापाड़ा औसफ अहमद, सर्किल इंस्पेक्टर चार्ल्स माल्टो, पुलिस इंस्पेक्टर अनुप भेंगरा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। वहीं कंपनी की ओर से डब्ल्यूबीपीडीसीएल के महाप्रबंधक रमाशीष चटर्जी, वेलफेयर ऑफिसर देबाशीष भुइन, माइंस मैनेजर महेश कुमार, पीसीएमपीएल के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट गुर्रम वेंकट नारायण, बीजीआर के वाइस प्रेसिडेंट दिलीप तमन और शिवा रेड्डी तथा महाप्रबंधक (सीएसआर एवं पीआर) संजय बेसरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आपसी सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में खनन कार्य फिर से सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।



