रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ प्रहरी मेला 2026
सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर समाज को दें दिशा : डॉ. लंबोदर महतो

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। कसमार प्रखंड के खैराचातर में स्वर्गीय भूतपूर्व सरपंच सुरेश जायसवाल की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय प्रहरी मेला का समापन सोमवार की रात सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के बीच हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने स्वर्गीय जायसवाल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में डॉ. महतो ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसके लोगों की जिम्मेदारी और सोच पर निर्भर करती है। उन्होंने स्वर्गीय सुरेश जायसवाल के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मेला समिति ने क्षेत्र के लोक कलाकारों शेखर शरदेंदु, नेपाल महतो, अशोक महतो, हबीब नाज, मानुदेव महतो, प्रभाष नायक, जितेंद्र महतो, नखलेश नायक के साथ-साथ चिकित्साकर्मी संतोष महतो को सम्मानित किया।
दूसरी ओर, सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने अपने गीत-संगीत से समापन समारोह को यादगार बना दिया। नागपुरी गायक राजेश राज, गायिका सरस्वती बुंकर, बुल्टी सिंहा और फुलमनी ने नागपुरी, खोरठा और हिंदी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। वहीं अखिल किशन के गीतों ने भी खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में करण कुमार कर्मकार, मंटू राम मरांडी, आनंद बेसरा, शकुर अंसारी, मेला समिति के अध्यक्ष घनश्याम महतो, व्यवस्थापक रामसेवक जायसवाल, सचिव राजेश कुमार राय, कोषाध्यक्ष पंकज जायसवाल, संयोजक उमेश जायसवाल, अशोक कुमार सिंह, डॉ. जीतलाल महतो, सुनील कपरदार, उमेश कुमार महतो, किशोर कांत सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन पंकज जायसवाल एवं दीपक सवाल ने किया। इस अवसर पर इब्राहिम अंसारी, देवेंद्र नाथ महतो, सुशील कुमार जायसवाल, रमेश चंचल, विष्णु जायसवाल, संजय राय, राहुल महतो, रोमेल अंसारी, प्रेमचंद महतो, यूनुस अंसारी, अंकुश जायसवाल, विनीत जायसवाल, आर्यन कपरदार, अभिषेक जायसवाल, अमन राय, प्रेम राय, रूप राय, विनीत राय, मुकेश राय, अविनाश राय, विजय ठाकुर, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।




