असम विधानसभा चुनाव: BJP ने जारी की 88 उम्मीदवारों की पहली सूची
हिमंत बिस्व सरमा को जलुकबारी से टिकट।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम में 9 अप्रैल को होने जा रहें विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने गुरुवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी, जिसमें 88 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची की सबसे बड़ी हाइलाइट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को जलुकबारी सीट से टिकट मिलना है, जहां उन्होंने अब तक पांच बार लगातार जीत हासिल की है। सूची में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोर्डोलोई को भी टिकट दिया गया है, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। सरमा, जो पहले कांग्रेस में थे, ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाई थी। पांच साल बाद वे फिर से जीत की तलाश में हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व उनसे काफी प्रभावित है और यदि पार्टी सत्ता में लौटती है तो सरमा ही फिर से मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। सरमा 2001 से जलुकबारी सीट जीतते आ रहे हैं। उन्होंने इसे तीन बार कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीता, फिर 2015 में भाजपा में शामिल हो गए। 2016 और 2021 के चुनावों में भी उन्होंने इस सीट को बरकरार रखा और अब छठी लगातार जीत की कोशिश में हैं। असम कांग्रेस, जो अब लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में चल रही है, कई बड़े नेताओं के जाने से जूझ रही है। पिछले महीने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने गोगोई की नेतृत्व शैली की सार्वजनिक आलोचना करने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया। कल ही दो बार लोकसभा सांसद और पूर्व राज्य मंत्री प्रद्युत बोर्डोलोई ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में प्रवेश कर लिया। बोर्डोलोई ने कहा कि उन्हें “अपमानित” किया गया और कांग्रेस नेतृत्व ने उनका समर्थन नहीं किया। इन बड़े विद्रोह पर गोगोई ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय” बताया। उन्होंने कहा, “दो साल पहले कांग्रेस ने उन्हें नगांव से लोकसभा टिकट लड़ने का मौका दिया था… और इस चुनाव में उनकी फैमिली के एक सदस्य को विधानसभा चुनाव लड़ने का अवसर दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने जो निर्णय लिया, वह उनका निजी फैसला है।” भाजपा ने दोनों ही नवागंतुकों को टिकट दिए हैं। भूपेन बोराह बिहपुरिया से और प्रद्युत बोर्डोलोई दिसपुर से चुनाव लड़ेंगे। मौजूदा विधायक अमिय कुमार भुइयां (बिहपुरिया) और अतुल बोरा (दिसपुर) को टिकट से वंचित कर दिया गया है। पहली सूची में भाजपा ने कुल 11 विधायकों को हटा दिया है। राज्य मंत्री पिजुष हजारिका , जयंत मल्ल बरुआ, अशोक सिंघल, अजंता नेओग, चंद्रमोहन पटवारी और रूपेश गोलाला को उनकी सीटें बरकरार रखी गई हैं। हाफलॉन्ग से विधायक नंदिता गार्लोसा को इस बार वहां से टिकट नहीं मिला। पूर्व राज्य भाजपा प्रमुख और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य को उनकी मौजूदा सीट गौहाटी पूर्व से टिकट नहीं दिया गया। असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी तामुलपुर से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी गौरव गोगोई के खिलाफ जोरहाट से मैदान में होंगे।



