
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कांधला। नगर पालिका परिषद कांधला की सियासत इन दिनों गर्मा चुकी है और इस सियासी तपिश के केंद्र में हैं वार्ड नंबर 13 के सभासद जुनैद मुखिया, जो अब खुलकर चेयरमैन पद के भावी प्रत्याशी के रूप में सामने आ रहे हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता और जनसंपर्क ने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
करीब 700 बीघा जमीन के जिम्मेदार माने जाने वाले मुखिया परिवार की आर्थिक और सामाजिक पकड़ पहले से ही क्षेत्र में मजबूत रही है। अब यही प्रभाव सियासी ताकत में तब्दील होता नजर आ रहा है, जिससे अन्य दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है।
रमजान के पाक महीने में लगातार 5 दिन तक आयोजित भव्य रोजा इफ्तार कार्यक्रम ने इस सियासी समीकरण को और भी धार दे दी है। रोजाना उमड़ रही भीड़, विभिन्न वर्गों और समुदायों की भागीदारी ने यह साफ संकेत दे दिया है कि जुनैद मुखिया सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसमर्थन की ताकत का प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
स्थानीय जानकारों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए जमीन से लेकर जनता तक सीधी पकड़ बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है। वहीं विपक्षी खेमे में इस बढ़ती सक्रियता को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि यही रफ्तार बरकरार रही, तो आने वाले चुनाव में जुनैद मुखिया एक मजबूत और आक्रामक दावेदार के रूप में उभर सकते हैं। उनका यह अभियान साफ संकेत दे रहा है कि कांधला की सियासत में अब मुकाबला सीधा, तीखा और निर्णायक होने जा रहा है।
सभासद से चेयरमैन की ओर बढ़ते कदमों के साथ जुनैद मुखिया ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है—
अब कांधला की सियासत में वह सिर्फ हिस्सा नहीं, बल्कि दिशा तय करने की तैयारी में हैं।

