बाराबंकी
ओवरब्रिज निर्माण: पेड़ों की कटाई पर किसानों का विवाद सुलझा
संयुक्त टीम ने पैमाइश कर आपत्ति का समाधान किया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जनपद बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र स्थित मड़ना गांव के पास 76 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में बाधा बन रहे पेड़ों की कटाई को लेकर किसानों और विभागीय कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद सुलझ गया है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की, जिससे समस्या का समाधान हो गया।यह विवाद तब उपजा जब वन विभाग द्वारा सड़क के दायरे में आने वाले पेड़ों की कटाई की जा रही थी। किसानों ने बिना पैमाइश के पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई और हंगामा शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि ये पेड़ उनकी निजी भूमि पर लगे हैं और उन्होंने ही इनकी देखरेख की है।किसानों की शिकायत के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। इस संयुक्त टीम ने किसानों की मौजूदगी में ओवरब्रिज निर्माण में पड़ने वाली जमीन की पैमाइश की।
पैमाइश के दौरान लगभग 10 मीटर भूमि सड़क क्षेत्र में चिह्नित की गई। विभागीय कर्मचारियों ने किसानों को स्पष्ट किया कि केवल सड़क सीमा में आने वाले पेड़ों की ही कटाई की जाएगी, उनकी निजी भूमि पर लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा।किसानों की सहमति से एक स्थल मेमो तैयार किया गया, जिस पर खेत के स्वामियों अजय कुमार, गणेश मिश्रा, राजेश अवस्थी, रामू दीक्षित, मुरारी गौतम सहित अन्य किसानों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय बुलाकर बैठक की जाएगी।प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद यह विवाद शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया और किसानों तथा वन विभाग के बीच सहमति बन गई।



