नोएडा एक्सटेंशन सेक्टर-1 में ‘बिल्डर फ्लोर’ बने जोखिम का ठिकाना
निवासियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

विवेक विहार हादसे के बाद भी नहीं चेता सिस्टम, फायर सेफ्टी में भारी खामियां उजागर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर-1) से विशेष रिपोर्ट
दिल्ली के विवेक विहार में एसी ब्लास्ट से 9 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जहां पूरे देश में फायर सेफ्टी को लेकर अलर्ट जारी है, वहीं गौतम बुद्ध नगर के नोएडा एक्सटेंशन सेक्टर-1 में हालात अब भी लापरवाही की गवाही दे रहे हैं।
यहां तेजी से खड़े हुए बिल्डर फ्लोर आज हजारों परिवारों का आशियाना हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन इमारतों में रहने वाले लोग हर दिन अनजाने खतरे के साये में जिंदगी गुजार रहे हैं।
जमीनी पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—
अधिकतर बिल्डर फ्लोर में फायर सेफ्टी सिस्टम का अभाव
फायर NOC को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं
इमरजेंसी एग्जिट की समुचित व्यवस्था नहीं संकरी गलियां और अवैध पार्किंग, जिससे दमकल की गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल
नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट पूरी तरह नदारद
इन हालात में अगर कोई हादसा होता है, तो नुकसान कितना बड़ा होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।
निवासियों के हित में बड़ा सवाल—
क्या बिल्डर फ्लोर में रहने वाले लोगों की जिंदगी इतनी सस्ती है कि उन्हें बुनियादी सुरक्षा तक नसीब न हो?
जिम्मेदारी से बचते बिल्डर, खामोश प्रशासन
बिल्डर अपना मुनाफा कमाकर आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अधूरे छोड़ दिए गए।
वहीं स्थानीय प्रशासन और प्राधिकरण की चुप्पी इस गंभीर मुद्दे को और खतरनाक बना रही है।
समय रहते जरूरी कदम—
सभी बिल्डर फ्लोर का तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट
फायर NOC की सार्वजनिक और पारदर्शी जांच
इमरजेंसी एग्जिट और फायर सिस्टम की अनिवार्य व्यवस्था
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
अंतिम चेतावनी
अगर अब भी लापरवाही जारी रही, तो कोई बड़ा हादसा सिर्फ समय की बात हो सकता है।



