गोड्डा
गोड्डा में मनरेगा कर्मियों के अवैध तबादले पर राज्य सरकार ने लगाई रोक
डीसी को सुधार के निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। गोड्डा जिले में मनरेगा कर्मियों, रोजगार सेवकों के नियमों के विरुद्ध किए गए तबादलों के मामले में विधायक प्रदीप यादव को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने विधायक की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए गोड्डा जिला प्रशासन को आदेश जारी कर दिया है कि वे नियमों का पालन करें और गलत तरीके से किए गए तबादलों में सुधार करें।
क्या था पूरा मामला
ज्ञात हो कि मार्च-अप्रैल के महीने में जिला प्रशासन द्वारा कई मनरेगा कर्मियों का तबादला उनके घर से 30 से 60 किमी दूर दुर्गम क्षेत्रों में कर दिया गया था। विधायक प्रदीप यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि सरकारी नियमों के अनुसार, इन कर्मियों की नियुक्ति उनके गृह पंचायत या बगल की पंचायत में ही होनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में पहले उपायुक्त (DC) और फिर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इसे अधिकारियों की मनमानी बताया था।
सरकार का फैसला
विधायक की सक्रियता के बाद मनरेगा आयुक्त कार्यालय (रांची) ने आधिकारिक पत्र (पत्रांक 085) जारी किया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि वर्ष 2007 के सरकारी दिशा-निर्देशों के आधार पर ही ग्राम रोजगार सेवकों का पदस्थापन होना चाहिए।
विधायक प्रदीप यादव द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच कर उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विधायक ने कहा
इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यह उन अल्पवेतनभोगी कर्मियों की जीत है। जिन्हें बिना वजह प्रताड़ित किया जा रहा था। विशेषकर महिला कर्मियों को घर से इतनी दूर भेजना नियमों और मानवता, दोनों के खिलाफ था। अब प्रशासन को इन तबादलों को रद्द कर कर्मियों को उनके क्षेत्र में वापस लाना होगा।” इस आदेश के बाद जिले के मनरेगा कर्मियों में खुशी की लहर है। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।



