शामली
साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर शामली पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
शामली। जनपद में साइबर अपराधों पर रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शामली पुलिस द्वारा विशेष साइबर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक शामली श्री एन.पी. सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुमित शुक्ला के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
रविवार को थाना आदर्शमंडी साइबर टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर शामली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान आमजन को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि अनजान लिंक, क्यूआर कोड अथवा एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। “केवाईसी अपडेट”, “इनाम/लॉटरी” अथवा “तुरंत कार्रवाई” जैसे संदेशों पर बिना जांच-पड़ताल विश्वास न करें। इसके अलावा AnyDesk व TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप का उपयोग केवल विश्वसनीय स्थिति में ही करने की सलाह दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने कहा कि बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर आने वाली कॉल से सतर्क रहें तथा सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग अथवा संवेदनशील लेन-देन करने से बचें। मोबाइल और लैपटॉप में नियमित सिक्योरिटी अपडेट एवं एंटी-वायरस का उपयोग करने, सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग समय-समय पर जांचने तथा डिजिटल भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का विवरण सत्यापित करने की अपील भी की गई।
साइबर टीम ने लोगों को साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। साथ ही “थिंक बिफोर यू क्लिक” का संदेश देते हुए हर क्लिक से पहले सतर्क रहने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में साइबर जागरूकता पंपलेट वितरित कर लोगों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग एवं व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर सुरक्षा में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
पुलिस अधीक्षक शामली श्री एन.पी. सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है तथा प्रत्येक नागरिक की सजगता से ही सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण संभव है।

