
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
मथुरा। कोसीकलां में इलाज के नाम पर भरोसे से खिलवाड़ और मातृत्व की संवेदनाओं से जुड़ा एक गंभीर मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक निजी अस्पताल पर महिला को फर्जी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट दिखाकर डराने, गर्भपात कराने का दबाव बनाने और रुपये वसूलने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। नगर की पीड़िता निधि पत्नी गणेश निवासी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गत सात अप्रैल को पेट दर्द होने पर वह उपचार के लिए आर्य नगर स्थित लाइफ लाइन हास्पिटल पहुंची थी।आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड कराने के बाद उसे गर्भवती बताया और कहा कि बच्चा पेट में सही स्थिति में नहीं है। साथ ही तत्काल गर्भपात न कराने पर जान को खतरा होने की बात कहकर भय का माहौल बना दिया गया।पीड़िता के अनुसार अस्पताल प्रशासन ने आपरेशन और उपचार के नाम पर करीब 30 हजार रुपये खर्चा बताए। आरोप है कि डर और दबाव के बीच उसका गर्भपात कराने का दवाब बनाया गया। चिकित्सक द्वारा हालात गंभीर बताने से डरी पीड़िता ने अपने पति को स्थिति बताई। पति के संदेह करने पर अन्य अस्पतालों में जांच कराई। वहां की रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी की पुष्टि नहीं हुई और रिपोर्ट सामान्य बताई गई। इसके बाद पीड़िता ने एसएसपी, जिलाधिकारी व सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञेय अपराध मानते हुए थाना कोसीकलां पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। वहीं इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर हास्पिटल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है



