
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा के गोवर्धन कस्बा स्थित प्राचीन श्रीहरिदेवजी मंदिर में सेवा-पूजा के अधिकार को लेकर दो पक्षों में विवाद गहरा गया, जिसके चलते मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। वर्षों पुराना मंदिर मंदिर बंद होने से नियमित पूजा-अर्चना प्रभावित रही और दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं को भी निराश लौटना पड़ा।अधिकारियों के अनुसार, मंदिर में सेवा और पूजा के अधिकार को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहा है। शुक्रवार को यह विवाद अचानक बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। स्थिति तनावपूर्ण होती देख प्रशासन ने पुलिस ने एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया और मुख्य द्वार बंद करा दिया। दर्शन करने आए श्रद्धालु को निराश लौटना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपसी विवाद का असर आस्था पर नहीं पड़ना चाहिए। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने एक पक्ष के कुछ सेवायतों का 151 में चालान कर दिया। इससे सेवायतों के रोष व्याप्त हो गया। इसके बाद एसडीएम सुशील कुमार ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। शनिवार देर रात तक दो पक्षों में सुलह-समझौता नहीं हो सका। एसडीएम का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द मंदिर में सामान्य रूप से पूजा-अर्चना शुरू कराई जा सके। श्रीहरिदेव जी मंदिर ब्रज क्षेत्र के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का इतिहास द्वापर युग से माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में उत्पन्न इस विवाद को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में चर्चा का विषय बना हुआ है।



