अमरोहा

श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया ध्रुव चरित्र का वर्णन। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
 अमरोहा हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव उधनपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का राशन डीलर लखन सिंह ने फीता काटकर क्या शुभारंभ। श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक देव कृष्ण महाराज ने प्रवचन करते हुए बताया की राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव को अपनी सौतेली माता सुरुचि के द्वारा अपमानित किया गया। जब वह अपने पिता की गोद में बैठना चाहते थे तो सौतेली माता के कठोर वचनों ने बालक ध्रुव के हृदय को आहत कर दिया। दुखी होकर जब धुर्व अपनी माता सुनीति के पास पहुंचे तब माता ने उन्हें भगवान की शरण में जाने का मार्ग बताया। माता के उपदेश से प्रेरित होकर मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव वन की ओर निकल पड़े।मार्ग में देव ऋषि नारद मुनि ने ध्रुव को समझने का प्रयास किया लेकिन ध्रुव के अटल संकल्प को देखकर उन्हें ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का उपदेश दिया ।इसके बाद धुर्व ने कठोर तपस्या आरंभ की उनकी तपस्या इतनी कठिन थी कि तीनों लोक विचलित हो उठे। अंततः भगवान विष्णु स्वयं प्रकट हुए भगवान ने ध्रुव को दर्शन देकर उन्हें अटल पथ प्रदान किया जो आज ध्रुव तारे के रूप में आकाश में स्थित है।महाराज ने कहा कि ध्रुव प्रसंग हमें यह संदेश देता है कि जीवन में कितनी भी बाधाएं हैं यदि व्यक्ति के भीतर दृढ़ निश्चय भक्ति और विश्वास हो तो वह परम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। युवा पीढ़ी को ध्रुव के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। ताकि वह अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रह सके। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन में बढ़ चढ़कर भाग लिया पूरा पंडाल जय श्री राधे राधे तथा हरि बोल के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर रेखा चौहान, लाखन सिंह डीलर,कोमल, स्वाति, आरती, राजू, विजय ,ओमप्रकाश,रिशिपाल, चिंतेश, अशोक रावत ,जगदीश जाटव ,आशिक अली, पृथ्वीराज ,दीपेश आदि मौजूद रहे।
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