
गौशाला केयरटेकर की लापरवाही किसानों के लिये बनी मुसीबत
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। गांवों में संचालित हो रही गौशालाओं की बदहाली अब किसानों पर भारी पड़ रही है। कालपी तहसील के ग्राम खल्ला के दर्जनों किसान शनिवार को उरई तहसील दिवस में जिलाधिकारी के सामने पहुंचे और अपनी पीड़ा बयां की। किसानों ने साफ आरोप लगाया कि गौशाला की लापरवाही के चलते उनकी खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
ज्ञापन देने पहुंचे किसानों में जयवीर सिंह, गम्भीर सिंह, उत्तम सिंह, त्रिलोकी सिंह, हिमांशु परिहार, शिवपूजन, संदीप विश्वकर्मा समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे। इन किसानों का कहना है कि गांव में बनी गौशाला का रखरखाव पूरी तरह से लचर है। कई दिनों से गौवंश रात में गौशाला से निकलकर खेतों में घुस रहे हैं और फसलों को चर रहे हैं। जयवीर सिंह ने बताया कि बीती रात उनके खेत में घुसी गायों ने एक बीघा चरी और दो बीघा मूंग की फसल पूरी तरह चर ली, जिससे करीब 70 प्रतिशत नुकसान हो गया। उन्होंने बताया कि यह जमीन उन्होंने पेशगी पर ली थी और इसी फसल से पूरे परिवार का गुजर-बसर होना था। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा, यह कहते हुए वह भावुक हो उठे। गम्भीर सिंह और उत्तम सिंह ने भी आरोप लगाया कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। लगातार कई रातों से गौवंश खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। त्रिलोकी सिंह और हिमांशु परिहार ने कहा कि पूरे गांव के कई किसानों की फसल इसी तरह चैपट हो चुकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि गौशाला का तत्काल औचक निरीक्षण कराया जाए और वहां पशुओं की उचित देखरेख सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। किसानों ने सवाल उठाया कि गौशालाओं के नाम पर सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो पशु सुरक्षित हैं और न ही किसानों की फसल। यह सीधे-सीधे लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वह बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है या फिर किसानों का यह दर्द भी अनसुना रह जाएगा।
