झुंझुनू
गुढ़ाबावनी के नीट स्टूडेंट प्रदीप माहीच को श्रद्धांजलि देने उमड़े लोग न्याय सभा का हुआ आयोजन
इंसाफ नहीं मिलने तक गंगा में नहीं होगा अस्थियों का विसर्जन

22 को सीकर में होगा बड़ा आंदोलन
सीकर के पुलिस अधिकारियों एवं सरकार के खिलाफ होगा प्रदर्शन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। सीकर में नीट पेपर लीक से आहत प्रदीप मेघवाल के द्वारा किए गए आत्मदाह के बाद प्रदेश में गुस्से की गूंज दिखाई देती नजर आ रही है। मंगलवार को मृतक के घर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रखा गया। जिसमें दिवगंत आत्मा के फोटो चित्र पर बड़ी संख्या में लोगों के द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। श्रद्धांजलि सभा के बाद न्याय सभा का आयोजन रखा गया । जिसमें सर्वसम्मति से प्रदीप के परिजनों को न्याय दिलाने का फैसला लिया गया है। गत 16 मई को प्रदीप मेघवाल की मृत्यु के बाद शव को सीकर के एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था इसके बाद 36 घण्टे तक आन्दोलन चलाया गया था। इस दौरान सीकर के उद्योग नगर थाना इंचार्ज सुनील जांगिड़ के द्वारा शांतिपूर्ण धरने में बैठे परिजनों को जबरन उठाने का प्रयास किया गया। इसके बाद धरनार्थियों एवं प्रशासन के अधिकारियों के बीच समझौता वार्ता के तीन दौर चले लेकिन सीआई सुनील जांगिड़ एवं राजेश चौधरी की हठधर्मिता के कारण वार्ता विफल रही इस वार्ता में उदयपुरवाटी विधायक भगवान राम सैनी की लापरवाही व नासमझी के कारण सकारात्मक परिणाम नहीं मिले न्याय सभा में कई वक्ताओं ने विधायक भगवाना राम सैनी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दलित समाज के वोटबैंक से ही विधानसभा पहुंचे हैं उसी समाज के धरनार्थियों को बीच मझधार में छोड़कर रफूचकर हो गए। न्याय सभा में फैसला लिया गया कि जब तक प्रदीप के परिजनों को न्याय नहीं मिल जाता तब तक गंगा में मृतक की अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन अस्थियों को लेकर गांव-गांव में न्याय यात्रा निकाली जायेंगी। 22 मई को सीकर जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक मार्च निकालकर बड़ी न्याय सभा की जायेगी। जिसमें एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई देश प्रदेश के संगठनों के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे ।
*ये हैं प्रमुख मांगे*
मृतक के आश्रितों को 2 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए सीकर के उद्योग नगर थाना अधिकारी सुनील जांगिड़ एवं राजेश बुडानिया को सस्पेंड किया जाए इनकी बेशुमार संपत्ति की जांच की जाए एवं उनके कार्यकाल में इनके द्वारा किए गए अनुसंधानों की भी बारिकी से जांच की जाए। मृतक के एक आश्रित को नौकरी दी जाए मृतक प्रदीप व उनकी तीनों बहनों का एजुकेशन पर लगा सारा हर्जा कर्जा सरकार के द्वारा मुहैया करवाया जाए तथा पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ ऐसा ठोस कानून लाया जाए जिसमें मृत्यु दंड या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान हो। सभा में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि मनजीत सिंह ने भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी होने का भरोसा दिलाया।
*श्रद्धांजलि व न्याय सभा में ये लोग रहे मौजूद*
आदिवासी मीन सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश मीणा किशोरपुरा, उदयपुरवाटी विधानसभा प्रत्याशी युवा नेता संदीप सैनी, युवा नेता रविंद्र सिंह पोख, शीशराम खटाणा, भगत सिंह ब्रिगेड के युवा नेता जेपी महला,गुढ़ाबावनी के पूर्व सरपंच दारा सिंह,पूर्व सरपंच रोहतास टीटनवाड़,श्रवण गुढ़ा,आम आदमी पार्टी के सीकर झुंझुनू जिला प्रभारी मंजीत सिंह नजबगढ़ हरीयाणा,पायलेट किसान संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश खटाणा किशोरपुरा,गुढ़ा कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अरविंद कुमार,पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुरेश कुमार टोडी,मनोहर लाल सैनी नेता,पूर्व जिला पार्षद राजेंद्र कैड,भागीरथ खटाणा, समाजसेवी मदनलाल मेघवाल,नत्थू राम मेघवाल,बक्सा राम,पप्पू मेघवाल, हरीराम मेघवाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


