बेतुल
बैतूल जिले में लंबे समय से एक ही जगह जमे पटवारियों आखिर क्यू नहीं होती कार्यवाही आखिर किस किस नेता का है संरक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। राजस्व विभाग की हाल की तबादला सूची और स्थानीय खबरों से यह साफ दिखाई देता है कि कई पटवारी वर्षों से एक ही तहसील, हल्का या क्षेत्र में पदस्थ थे आखिर बैतूल के आस पास ही घूमते नजर अ रहे है आखिर इनका क्यों नहीं हो रहा है तबादला लोग परेशान होते नजर आ रहे है पटवारी ना तो सही तरीके से कम कर रहे है आम जनता को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है सिर्फ काम के नाम पर राजनीति ही कर रहे हैं आम जनता को उलझा कर रखे हुए हैं दिन भर ऑफिस से बहार रहते है कॉल करने पर आम जनता के फोन तक नहीं उठा रहे है कुछ पटवारी ऐसे भी है जो 10 साल से बैतूल जिले में ही बैठे हुए हैं इनके तरफ किसी प्रशासनिक अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है
मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि “दर्जनों पटवारी” ऐसे थे जो लंबे समय से एक ही जगह जमे हुए थे और आखिरकार उनके तबादले किए गए।
मध्यप्रदेश में सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था यह कहती है कि किसी भी कर्मचारी को बहुत लंबे समय तक एक ही स्थान पर नहीं रखा जाना चाहिए। क्योंकि जब कोई पटवारी 8-10 साल या उससे ज्यादा समय तक एक ही इलाके में रहता है, तो वहां उसका स्थानीय नेटवर्क मजबूत हो जाता है। इससे जमीन नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार, फसल गिरदावरी और सरकारी योजनाओं में प्रभाव बढ़ने की शिकायतें आने लगती हैं।
बैतूल में भी लोगों के बीच यही चर्चा रहती है कि आखिर इतने वर्षों तक एक ही जगह टिके रहने के पीछे किसका संरक्षण होता है। आमतौर पर ऐसे मामलों में तीन स्तरों की चर्चा होती है:
स्थानीय राजनीतिक संरक्षण
राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत
और प्रभावशाली जमीन कारोबारियों से संबंध
हालांकि बिना जांच या दस्तावेजी प्रमाण के किसी विशेष नेता, अधिकारी या व्यक्ति का नाम लेना उचित नहीं होगा। लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि यदि प्रशासन पूरी पारदर्शिता से हर 3 साल में तबादले करे, तो ऐसी स्थिति कम बने।
स्थानीय स्तर पर लोगों की सबसे बड़ी शिकायतें आमतौर पर ये रहती हैं:
नामांतरण और बंटवारे में देरी
सीमांकन के बदले पैसों की मांग
रिकॉर्ड सुधार में पक्षपात
गरीब किसानों को चक्कर लगवाना
प्रभावशाली लोगों के काम जल्दी करना
इसी वजह से जब बड़े पैमाने पर तबादले होते हैं, तो जनता इसे “जमे हुए नेटवर्क” पर कार्रवाई मानती है।



