शामली

धूल-धक्कड़ और तेज रफ्तार,रेत से भरे डम्परों से परेशान चौसानावासी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

चौसाना। हरियाणा क्षेत्र से यमुना नदी का रेत खनन लेकर गुजर रहे ओवरलोड डम्पर अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच दिन-रात दौड़ रहे इन डम्परों से उड़ती धूल लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों पर धूल का गुबार इस कदर छाया रहता है कि राहगीरों और दुकानदारों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। लगातार धूल फांकने से बच्चों, बुजुर्गों और दमा के मरीजों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
हरिायाणा प्रदेश की यमुना नदी से रेत से भरकर दौड रहे वाहन लोगो की मुसीबत का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ओवरलोड डम्पर तेज रफ्तार से आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार डम्परों के कारण सड़क किनारे चल रहे बाइक सवार और स्कूली बच्चे हादसे का शिकार होते-होते बचे हैं। इसके अलावा ओवरलोड के चलते क्षेत्र की सड़कें भी जगह-जगह टूटने लगी हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और परिवहन विभाग को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के समय बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन बेरोकटोक गुजरते हैं, जिन पर किसी प्रकार की निगरानी दिखाई नहीं देती।
ग्रामीणों ने परिवहन विभाग व पुलिस से मांग की है कि ओवरलोड डम्परों पर सख्त कार्रवाई की जाए, आबादी क्षेत्र में उनकी रफ्तार सीमित की जाए और सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए ताकि उड़ती धूल से लोगों को राहत मिल सके।
केवल स्कूली वाहनो पर कार्यवाही कर इतिश्री करते है एआरटीओ
चौसाना। पिछले एक महीने से एआरटीओ ने कई दर्जन स्कूली वाहनो पर परिवहन अधिनियम के तहत कार्यवाही की है। लेकिन इसके विपरित परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दूसरे प्रदेश से आते ओवरलोड डम्पर दिखाई नही देते है। मानो विभागीय अधिकारियो की कार्यवाही मात्र इतिश्री ही है।
ओवरलोड रेत से भरे डम्पर पर क्या कहते है नियम
चौसाना।ओवरलोड रेत से भरे डम्परों और उनसे उड़ती धूल को लेकर कई कानूनी नियम लागू होते हैं। इनके उल्लंघन पर परिवहन विभाग, पुलिस, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई कर सकते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार निर्माण सामग्री या रेत ढोते समय वाहन को तिरपाल (कवर) से ढंकना जरूरी है।खुली रेत ले जाने और धूल फैलाने पर पर्यावरण प्रदूषण की श्रेणी में कार्रवाई हो सकती है।
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