
पीने के पानी और छांव तक की व्यवस्था नहीं, मजदूरों ने प्रशासन से लगाई गुहार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। शहर के मजदूर अडडे की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों मजदूर रोजगार की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन उनके लिए न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही बैठने अथवा धूप से बचने के लिए कोई शेड उपलब्ध कराया गया है। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच मजदूर घंटों सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार सुबह-सुबह ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर मजदूर अडडे पर पहुंचते हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मजदूर भी शामिल होते हैं। काम मिलने की उम्मीद में ये लोग कई-कई घंटे तक खुले आसमान के नीचे इंतजार करते हैं। गर्मी के इस मौसम में तेज धूप और लू के कारण मजदूरों की हालत खराब हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सका है। असंगठित कर्मकार मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अमित प्रजापति ने मजदूरों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में सुबह से मजदूर अडडे पर पहुंच जाते हैं, लेकिन यहां उनके लिए पीने के पानी, छांव और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों धूप में खड़े रहने से मजदूरों के बीमार पडऩे का खतरा लगातार बना रहता है। अमित प्रजापति ने प्रशासन से मांग की है कि मजदूर अडडे पर जल्द से जल्द पीने के पानी की व्यवस्था, टीनशेड और बैठने के लिए उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि मजदूरों को राहत मिल सके। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार मजदूरों के हितों और कल्याण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों की हालत बेहद खराब है। मजदूर अडडे की यह बदहाल तस्वीर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है।



