कैराना
ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने दिए जांच के आदेश, प्रदूषण विभाग की टीम करेगी निरीक्षण
एक दिन पहले टायर फैक्ट्री के गेट पर धरना देकर ग्रामीणों ने उठाई थी कार्रवाई की मांग

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई, प्रशासन ने दिया आश्वासन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। ममौर स्थित टायर फैक्ट्री से कथित रूप से फैल रहे प्रदूषण के मामले में प्रशासन हरकत में आ गया है। ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कैराना शिवाजी यादव ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग को टीम गठित कर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शनिवार को ग्राम ममौर और सहपत के दर्जनों ग्रामीण टायर फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए थे। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और राख से वातावरण प्रदूषित होने का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले करीब एक वर्ष से वे विभिन्न अधिकारियों और विभागों को शिकायतें भेज रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री की चिमनियों से निकलने वाला धुआं और राख आसपास के गांवों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, एलर्जी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने भी फसलों को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की थी। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मामले को लेकर एसडीएम शिवाजी यादव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को टीम गठित कर मौके पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकीं ग्रामीणों की निगाहें
प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा जांच के आदेश दिए जाने से ग्रामीणों को कार्रवाई की उम्मीद जगी है। हालांकि उनका कहना है कि केवल जांच नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रदूषण विभाग की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
